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नंदा देवी बेस कैंप में ग्लेशियर की चपेट में आने से 177 भेड़ और तीन कुत्तों की मौत
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नाचनी(पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी क्षेत्र नंदा देवी बेस कैंप के ल्वा गांव में आठ भेड़ पालकों की 177 भेड़ों और तीन कुत्तों की ग्लेशियर के नीचे दबने से मौत हो गई। ग्लेशियर में भेड़पालकों के खाने-पीने का सामान भी दब गया। घटना करीब एक माह पहले 19 जून की है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में संचार सुविधा के अभाव में प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई।
19 जून को क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण मुनस्यारी क्षेत्र को आने वाले कई रास्ते बह गए थे। अनवाल समुदाय के अध्यक्ष संचार सेवा न होने के कारण इसकी जानकारी नहीं दे पाए थे। अनवाल समुदाय के अध्यक्ष मनोज मेहता ने किसी तरह बर्फबारी और बारिश में ध्वस्त पैदल रास्तों को पार करते हुए 13 जुलाई को लीलम पहुंचकर राजस्व उप निरीक्षक को रिपोर्ट दी। पशुपालन विभाग की टीम ने घटना को बीते अधिक दिन होने का कारण बताकर मेडिकल बनाने से इनकार कर दिया। होकरा निवासी मनोज मेहता ने बताया कि 19 जून की शाम पांच बजे ग्लेशियर टूट कर भेड़ों पर गिर गया था। झुंड में आठ अनवालों की 2800 भेड़ें थीं। हिमस्खलन के अफरातफरी मच गई।
भारी बर्फबारी और बारिश के बीच चार दिन तक अनवाल भेड़ों को खोजते रहे। गिनती में 177 भेड़, तीन कुत्ते नहीं मिल सके, जिनकी बर्फ से दबकर मौत हो गई। सूचना देने के लिए एकमात्र सेटेलाइट फोन ल्वा गांव के सरपंच केदार सिंह के यहां लगा था। रिचार्ज न होने के कारण जो कई दिनों से बंद था। दर्जनों नालों की पुलिया बहने और रास्तों के बहने के कारण 13 जुलाई को लीलम राजस्व चौकी में नुकसान की सूचना दर्ज कराई गई।
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होकरा के मनोज मेहता ने उनकी 103 भेड़ों और एक कुत्ते, गौला के नारायण सिंह ने उनकी 23 भेड़ों, प्रह्लाद सिंह ने 19 भेड़ों और एक कुत्ते, कोटा के जीवन पंवार ने उनकी तीन भेड़ोे, मुनस्यारी के बिशन सिंह ने नौ भेड़ों, जोशा के हयात सिंह ने सात भेड़ों और एक कुत्ते, मुनस्यारी के बलवंत ने 11 भेडो़ं, कोटा खड़िग के गोकुल ने उनकी दो भेड़ों की मौत का दावा किया है।
सरकार और प्रशासन से की मुआवजे की मांग
नाचनी (पिथौरागढ़)। अनवालों ने सरकार और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि बर्फबारी और बारिश में रास्ते ध्वस्त हो गए थे। इससे वे समय पर प्रशासन तक सूचना नहीं पहुंचा पाए थे। अनवाल मनोज मेहता ने तल्ला जोहार कल्याण संस्था के अध्यक्ष खुशाल सिंह मेहता ने विधायक हरीश धामी, सीएम पुष्कर धामी और डीएम से मुआवजा देने की गुहार लगाई है।(संवाद)
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19 जून को क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण मुनस्यारी क्षेत्र को आने वाले कई रास्ते बह गए थे। अनवाल समुदाय के अध्यक्ष संचार सेवा न होने के कारण इसकी जानकारी नहीं दे पाए थे। अनवाल समुदाय के अध्यक्ष मनोज मेहता ने किसी तरह बर्फबारी और बारिश में ध्वस्त पैदल रास्तों को पार करते हुए 13 जुलाई को लीलम पहुंचकर राजस्व उप निरीक्षक को रिपोर्ट दी। पशुपालन विभाग की टीम ने घटना को बीते अधिक दिन होने का कारण बताकर मेडिकल बनाने से इनकार कर दिया। होकरा निवासी मनोज मेहता ने बताया कि 19 जून की शाम पांच बजे ग्लेशियर टूट कर भेड़ों पर गिर गया था। झुंड में आठ अनवालों की 2800 भेड़ें थीं। हिमस्खलन के अफरातफरी मच गई।
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भारी बर्फबारी और बारिश के बीच चार दिन तक अनवाल भेड़ों को खोजते रहे। गिनती में 177 भेड़, तीन कुत्ते नहीं मिल सके, जिनकी बर्फ से दबकर मौत हो गई। सूचना देने के लिए एकमात्र सेटेलाइट फोन ल्वा गांव के सरपंच केदार सिंह के यहां लगा था। रिचार्ज न होने के कारण जो कई दिनों से बंद था। दर्जनों नालों की पुलिया बहने और रास्तों के बहने के कारण 13 जुलाई को लीलम राजस्व चौकी में नुकसान की सूचना दर्ज कराई गई।
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होकरा के मनोज मेहता ने उनकी 103 भेड़ों और एक कुत्ते, गौला के नारायण सिंह ने उनकी 23 भेड़ों, प्रह्लाद सिंह ने 19 भेड़ों और एक कुत्ते, कोटा के जीवन पंवार ने उनकी तीन भेड़ोे, मुनस्यारी के बिशन सिंह ने नौ भेड़ों, जोशा के हयात सिंह ने सात भेड़ों और एक कुत्ते, मुनस्यारी के बलवंत ने 11 भेडो़ं, कोटा खड़िग के गोकुल ने उनकी दो भेड़ों की मौत का दावा किया है।
सरकार और प्रशासन से की मुआवजे की मांग
नाचनी (पिथौरागढ़)। अनवालों ने सरकार और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि बर्फबारी और बारिश में रास्ते ध्वस्त हो गए थे। इससे वे समय पर प्रशासन तक सूचना नहीं पहुंचा पाए थे। अनवाल मनोज मेहता ने तल्ला जोहार कल्याण संस्था के अध्यक्ष खुशाल सिंह मेहता ने विधायक हरीश धामी, सीएम पुष्कर धामी और डीएम से मुआवजा देने की गुहार लगाई है।(संवाद)