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बोल्डर को तोड़ना ही एकमात्र विकल्प
Updated Sat, 09 Jun 2018 10:44 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। डीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ललित कुमार और लोनिवि के सहायक अभियंता सचिन सिंघल ने रामगंगा में चैनलाइजेशन के काम का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने नदी का रुख पलटने के लिए नदी के बीच स्थित बड़े बोल्डर को तोड़ना जरूरी बताया।
दोनों अधिकारियों ने नदी के बीच में स्थित बोल्डर का जायजा लिया। बोल्डर के आकार का पता लगाने के लिए पोकलैंड से मलबा साफ किया गया। बोल्डर 11 मीटर लंबा, 6 मीटर चौड़ा और तीन मीटर ऊंचा है। इसी से नदी का रुख पलटता है। दोनों इंजीनियरों ने बताया कि बोल्डर को विस्फोट से तोड़ना ही विकल्प है। इसकी रिपोर्ट डीएम के सामने रखी जाएगी। इन लोगों ने मौके से ही एसडीएम केएन गोस्वामी को इस बाबत सूचना दी।
भैंसखाल को रामगंगा के कटाव से बचाने के लिए इन दिनों चैैनलाइजेशन का काम किया जा रहा है, ताकि नदी का रुख गांव से विपरीत दिशा में किया जाए। यह काम 15 जून तक होना है। इस काम के लिए अब मात्र 6 दिन का समय शेष है। लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस अवधि में चैनलाइजेशन का काम होना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है।
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दोनों अधिकारियों ने नदी के बीच में स्थित बोल्डर का जायजा लिया। बोल्डर के आकार का पता लगाने के लिए पोकलैंड से मलबा साफ किया गया। बोल्डर 11 मीटर लंबा, 6 मीटर चौड़ा और तीन मीटर ऊंचा है। इसी से नदी का रुख पलटता है। दोनों इंजीनियरों ने बताया कि बोल्डर को विस्फोट से तोड़ना ही विकल्प है। इसकी रिपोर्ट डीएम के सामने रखी जाएगी। इन लोगों ने मौके से ही एसडीएम केएन गोस्वामी को इस बाबत सूचना दी।
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भैंसखाल को रामगंगा के कटाव से बचाने के लिए इन दिनों चैैनलाइजेशन का काम किया जा रहा है, ताकि नदी का रुख गांव से विपरीत दिशा में किया जाए। यह काम 15 जून तक होना है। इस काम के लिए अब मात्र 6 दिन का समय शेष है। लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस अवधि में चैनलाइजेशन का काम होना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है।
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