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फसलों का मुआवजा न मिलने से गुस्साए किसान
Updated Sat, 01 Jul 2017 10:51 PM IST
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अस्कोट (पिथौैरागढ़)। जून में ओलावृष्टि से नष्ट फसलों का मुआवजा नहीं मिलने से हचीला, तोलीचुफात, अजेड़ा, खोली, ननकुड़ी, दुर्लेख, जमतड़, बज्यानी गांव के किसानों में गुस्सा है। हचीला के प्रधान मोहन राम, तोलीचुफात की प्रधान कुंती देवी, पूर्व प्रधान जगदीश सिंह खोलिया, नवीन भट्ट, आन सिंह खोलिया, कुंदन सिंह खोलिया ने कहा कि पहाड़ पर वैसे ही खेती कम होती है, उस पर मौसम की मार किसान को कहीं का नहीं छोड़ती।
लोगों के पास बीज तक के लिए अनाज नहीं बचता। सरकार को मुआवजा देने में देर नहीं करनी चाहिए। इन लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन को क्षतिपूर्ति के लिए पहले ही पत्र दे चुके हैं। किसानों को क्षतिपूर्ति की रकम नहीं दी जा रही है। इन लोगों ने कहा कि मुआवजा हमेशा काफी देर में दिया जाता है। उसमें भी मुआवजे की रकम इतनी कम होती है कि उसे प्राप्त करने में होने वाली दौड़भाग में उससे अधिक धन खर्च हो जाता है। कहा कि सरकार को कम से कम सालभर के खाने लायक अनाज के मूल्य के बराबर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
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लोगों के पास बीज तक के लिए अनाज नहीं बचता। सरकार को मुआवजा देने में देर नहीं करनी चाहिए। इन लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन को क्षतिपूर्ति के लिए पहले ही पत्र दे चुके हैं। किसानों को क्षतिपूर्ति की रकम नहीं दी जा रही है। इन लोगों ने कहा कि मुआवजा हमेशा काफी देर में दिया जाता है। उसमें भी मुआवजे की रकम इतनी कम होती है कि उसे प्राप्त करने में होने वाली दौड़भाग में उससे अधिक धन खर्च हो जाता है। कहा कि सरकार को कम से कम सालभर के खाने लायक अनाज के मूल्य के बराबर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
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