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नेपाल रोशन, भारतीय गांवों में अंधेरा
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:28 PM IST
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। 33 केवी सब स्टेशन से नेपाल के गांवों में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते विकास खंड के कई गांवों के लोग बिजली संकट झेल रहे हैं। शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा जाता है। लोगों ने इस संबंध में भारत सरकार और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज बिजली आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
ज्ञापन में लोगों ने कहा कि विकासखंड के ड्योड़ा नामक स्थान से नेपाल को 50 हजार यूनिट बिजली प्रति माह दी जा रही है। इसके चलते कनालीछीना की 40 हजार की आबादी और 70 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को आए दिन बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कहा कि कनालीछीना, सतगढ़, गुड़ौली, मलान, चरमा, ख्वांकोट, अमकोट, महतगांव, पीपली, ड्योड़ा, अमतड़ी, द्वालीसेरा, सिमखोला, घिंघरानी, मड़मानले, चौपाता, नैनीपातल आदि गांवों के ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। इन गांवों में शाम होते ही अक्सर अंधेरा छा जाता है। ज्ञापन भेजने वालों में राज्य आंदोलनकारी राजेश मेहता, हेमेंद्र बिष्ट, पवन धामी, होशियार सिंह, प्रदीप कुमार, सोनू बिष्ट, दिल राम टम्टा आदि शामिल हैं।
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भारत-नेपाल समझौते के अनुसार 1989 से झूलाघाट और 1991 से लाली को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसमें हर माह एक लाख अड़तीस हजार चार सौ छत्तीस यूनिट बिजली खर्च हो रही है। नेपाल को 6.76 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली आपूर्ति की जाती है। -नितिन गर्खाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, पिथौरागढ़।
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ज्ञापन में लोगों ने कहा कि विकासखंड के ड्योड़ा नामक स्थान से नेपाल को 50 हजार यूनिट बिजली प्रति माह दी जा रही है। इसके चलते कनालीछीना की 40 हजार की आबादी और 70 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को आए दिन बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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कहा कि कनालीछीना, सतगढ़, गुड़ौली, मलान, चरमा, ख्वांकोट, अमकोट, महतगांव, पीपली, ड्योड़ा, अमतड़ी, द्वालीसेरा, सिमखोला, घिंघरानी, मड़मानले, चौपाता, नैनीपातल आदि गांवों के ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। इन गांवों में शाम होते ही अक्सर अंधेरा छा जाता है। ज्ञापन भेजने वालों में राज्य आंदोलनकारी राजेश मेहता, हेमेंद्र बिष्ट, पवन धामी, होशियार सिंह, प्रदीप कुमार, सोनू बिष्ट, दिल राम टम्टा आदि शामिल हैं।
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भारत-नेपाल समझौते के अनुसार 1989 से झूलाघाट और 1991 से लाली को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसमें हर माह एक लाख अड़तीस हजार चार सौ छत्तीस यूनिट बिजली खर्च हो रही है। नेपाल को 6.76 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली आपूर्ति की जाती है। -नितिन गर्खाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, पिथौरागढ़।