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तीन सालों में एड्स से 27 लोगों की मौत
Updated Thu, 30 Nov 2017 10:42 PM IST
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में एड्स संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन साल में एड्स से 27 लोगों की मौत हुई और 105 लोगों में एचआईवी पॉजीटिव पाया गया। इनकी एंटी रेट्रो थैरेपी कराई जा रही है। इस वर्ष अप्रैल से अब तक 20 लोगों में एड्स की पुष्टि हुई। इनमें दो महिलाएं भी हैं। इनमें से एक व्यक्ति की मौत हुई। एड्स रोगियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि गंभीर चिंता में डालने वाली बात है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एड्स नियंत्रण के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ज्यादातर मरीज अन्य शहरों से संक्रमित होकर यहां पहुंचते हैं।
चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एड्स के रोगियों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। यह बात अलग है कि सभी मरीज बाहरी शहरों से इस रोग को लेकर यहां पहुंचते हैं। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एड्स के लक्षण वाले मरीज का पहले जिला अस्पताल में रेटिड टेस्ट होता है। उसके बाद इस टेस्ट को पुष्टि के लिए हल्द्वानी स्थित केंद्र में भेजा जाता है।
यदि मरीज में एड्स के पॉजीटिव होने की पुष्टि हो जाए तो उसे एंटी रेट्रो दवाएं जिला अस्पताल से दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एड्स की प्रारंभिक जांच की सुविधा है। एड्स मरीजों के बारे में अन्य सूचनाओं को सार्वजनिक नहीं किया जाता। किन लोगों में यह लक्षण हैं और कब वह दवा लेने आते हैं इसकी जानकारी नहीं दी जाती।
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जिला अस्पताल में बाकायदा एड्स सलाह संबंधी अलग से कक्ष बना है। एड्स सलाहकार केंद्र की फरहाना ने बताया कि रोगियों को जांच और उपचार की पूरी सुविधा दी जाती है। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों को इलाज की पूरी सुविधा मिलती है।
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चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एड्स के रोगियों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। यह बात अलग है कि सभी मरीज बाहरी शहरों से इस रोग को लेकर यहां पहुंचते हैं। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि एड्स के लक्षण वाले मरीज का पहले जिला अस्पताल में रेटिड टेस्ट होता है। उसके बाद इस टेस्ट को पुष्टि के लिए हल्द्वानी स्थित केंद्र में भेजा जाता है।
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यदि मरीज में एड्स के पॉजीटिव होने की पुष्टि हो जाए तो उसे एंटी रेट्रो दवाएं जिला अस्पताल से दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एड्स की प्रारंभिक जांच की सुविधा है। एड्स मरीजों के बारे में अन्य सूचनाओं को सार्वजनिक नहीं किया जाता। किन लोगों में यह लक्षण हैं और कब वह दवा लेने आते हैं इसकी जानकारी नहीं दी जाती।
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जिला अस्पताल में बाकायदा एड्स सलाह संबंधी अलग से कक्ष बना है। एड्स सलाहकार केंद्र की फरहाना ने बताया कि रोगियों को जांच और उपचार की पूरी सुविधा दी जाती है। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों को इलाज की पूरी सुविधा मिलती है।