फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   तकलाकोट में फिर बिखरेगी गुड़, मिश्री की मिठास

तकलाकोट में फिर बिखरेगी गुड़, मिश्री की मिठास

Sun, 09 Jul 2017 11:11 PM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
तकलाकोट में फिर बिखरेगी गुड़, मिश्री की मिठास

विज्ञापन
धारचूला (पिथौरागढ़)। तिब्बत की मंडी तकलाकोट में इस बार गुड़ और मिश्री की बिक्री हो सकेगी। चीन सरकार ने वर्ष 2014 में गुड़ और मिश्री लाने पर इसलिए प्रतिबंध लगा दिया था कि यह खुले में बेचा जाता है। इसमें निर्माण की तिथि अंकित नहीं होती। खुले में गुड़, मिश्री बेचने से गंदगी फैलती है। यह स्वास्थ्य के लिए घातक है। प्रतिबंध के कारण वर्ष 2015 और 2016 में सीमांत के व्यापारी तिब्बत की मंडी तकलाकोट के लिए गुड़ और मिश्री का निर्यात नहीं कर पाए थे। इससे व्यापार में घाटा उठाना पड़ा था। भारतीय व्यापारी उससे पहले हर साल कम से कम 50 क्विंटल गुड़ और इतनी ही मिश्री तिब्बत की मंडी पहुंचाते थे। तिब्बत में गुड़ और मिश्री की मांग ज्यादा है तथा इसकी कीमत भी अच्छी मिल जाती है।

इस बार युवा व्यापारी दिनेश गुंज्याल ने इस प्रतिबंध से निपटने का तरीका ढूंढ निकाला है। उन्होंने दिल्ली, हरदोई, मेरठ स्थित चीनी मिलों से संपर्क साधा और गुणवत्ता वाला गुड़, मिश्री के पैकेट तैयार करा लिए। इनकी पैकिंग मई 2017 में कर दी गई थी और इसकी मियाद तिथि छह माह तक रखी गई। प्रत्येक पैकेट का वजन 1.200 किलोग्राम रखा गया है। पहले चरण में उन्होंने दो क्विंटल गुड़ और इतनी ही मिश्री के पैकेट तैयार करवाए हैं। दिनेश गुंज्याल इस माह के मध्य में तकलाकोट जाने की तैयारी में हैं। वह अपने साथ गुड़ और मिश्री भी लेकर जाएंगे। यदि तकलाकोट में गुड़ और मिश्री की मांग ठीक रही तो अन्य व्यापारियों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
विज्ञापन



गुंज्याल का दावा है कि पैकेट में रखा गया गुड़ और मिश्री क्वालिटी में बहुत अच्छा है। यह खुले में बिकने वाले गुड़, मिश्री की तुलना में ज्यादा स्वादिष्ट है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिब्बत के लोगों को यह उत्पाद पसंद आएगा और पैकेट में होने के कारण इससे गंदगी भी नहीं फैलेगी। उन्होंने कहा कि पैकेट में निर्माता कंपनी का नाम भी अंकित है। अब तक तिब्बत की मंडी गए व्यापारी अपने साथ गुड़ और मिश्री लेकर नहीं गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



परंपरागत व्यापार में कमी न आए
धारचूला। युवा व्यापारी दिनेश गुंज्याल के पिता हरी लाल गुंज्याल तिब्बत व्यापार में हिस्सा लेने वाले सबसे पुराने व्यापारी रहे हैं। 1962 से पहले जब तिब्बत व्यापार में किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं था, तब भी हरी लाल तकलाकोट मंडी जाकर व्यापार करते थे। 1992 में जब दोबारा व्यापार शुरू हुआ तो हरी लाल गुंज्याल हर साल व्यापार में हिस्सा लेते रहे। दिनेश का कहना है कि इस परंपरागत व्यापार में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed