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ओलावृष्टि से तल्ला जोहार क्षेत्र में फलों को व्यापक नुकसान
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पिथौरागढ़। शनिवार की शाम को बादल जमकर बरसे। बारिश के साथ थल से लेकर मुनस्यारी के तल्ला जोहार क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। देर रात को पिथौरागढ़ में भी तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। डीडीहाट में सर्वाधिक 41.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
शनिवार देर शाम को थल और नाचनी में बारिश के साथ ओले भी गिरे। गर्म घाटी होने से थल से लेकर नाचनी तक फलों का अच्छा उत्पादन होता है। यहां आम और लीची बहुतायत होती है लेकिन फल उत्पादक मौसम की मार से परेशान हैं। इसके अलावा पुलम, आडू और खुबानी की पैदावार भी होती है। जून माह में ओले गिरने से आम, लीची, आडू सहित अन्य फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते फल उत्पादक परेशान हैं। जो परिवार फल उत्पादन से आजीविका चलाते हैं उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी। फल उत्पादकों ने प्रशासन से उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की है।
कहां कितनी हुई बारिश
पिथौरागढ़- 2 एमएम
गंगोलीहाट - 3 एमएम
धारचूला - 11 एमएम
मुनस्यारी - 12 एमएम
बेड़ीनाग - 9.9 एमएम
डीडीहाट - 41.5 एमएम
शनिवार देर शाम को थल और नाचनी में बारिश के साथ ओले भी गिरे। गर्म घाटी होने से थल से लेकर नाचनी तक फलों का अच्छा उत्पादन होता है। यहां आम और लीची बहुतायत होती है लेकिन फल उत्पादक मौसम की मार से परेशान हैं। इसके अलावा पुलम, आडू और खुबानी की पैदावार भी होती है। जून माह में ओले गिरने से आम, लीची, आडू सहित अन्य फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते फल उत्पादक परेशान हैं। जो परिवार फल उत्पादन से आजीविका चलाते हैं उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी। फल उत्पादकों ने प्रशासन से उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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कहां कितनी हुई बारिश
पिथौरागढ़- 2 एमएम
गंगोलीहाट - 3 एमएम
धारचूला - 11 एमएम
मुनस्यारी - 12 एमएम
बेड़ीनाग - 9.9 एमएम
डीडीहाट - 41.5 एमएम