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जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ ऐंचोली के लोगों ने किया प्रदर्शन
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पिथौरागढ़। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रविवार को शहर के ऐंचोली के लोगों ने जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने इसके खिलाफ आंदोलन चलाने की घोषणा कर दी है।
ऐंचोली चौराहे पर हुई सभा में संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संस्था के पूर्व अध्यक्ष मोहनचंद्र भट्ट ने डीडीए पर जिले के नागरिकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भवन निर्माण के लिए भवन प्लान आवश्यक है लेकिन यदि मकान में कुछ भी मामूली परिवर्तन करना है तो पूरे मकान का प्लान बनाने की बाध्यता कर दी गई है, जो जनता के धन की लूट ही है। कहा कि प्राधिकरण राष्ट्रीय और राज्य सड़क मार्ग के 200 मीटर के दोनों ओर लागू कर दिया गया है। इससे पूरे जिले में किसी भी तरह का निर्माण कार्य बिना डीडीए की अनुमति के संभव ही नहीं है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एनडी पांडेय ने कहा कि भवन निर्माण प्लान संबंधी डीडीए के प्रावधान जन विरोधी हैं। पूर्व कर्मचारी नेता प्रेम सिंह बिष्ट, दयानंद भट्ट ने विकास प्राधिकरण को विनाश प्राधिकरण की संज्ञा देते हुए लोगों से संगठित होकर विरोध करने की अपील की। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कलौनी और चंद्र प्रकाश पुनेड़ा ने कहा कि प्राधिकरण को लागू करने से पहले कायदे से मास्टर प्लान लागू करना चाहिए था। तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखकर पूरे राज्य में विकास प्राधिकरण थोप दिया गया है। सभा का संचालन करते हुए व्यापार संघ के अध्यक्ष शमशेर महर ने कहा कि प्राधिकरण के खिलाफ शीघ्र ही जिला मुख्यालय में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। सभा में कैप्टन दीनदयाल गिरी, महेश पांडेय, मंगल जोशी, सीएम पांडेय आदि मौजूद थे।
ऐंचोली चौराहे पर हुई सभा में संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संस्था के पूर्व अध्यक्ष मोहनचंद्र भट्ट ने डीडीए पर जिले के नागरिकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भवन निर्माण के लिए भवन प्लान आवश्यक है लेकिन यदि मकान में कुछ भी मामूली परिवर्तन करना है तो पूरे मकान का प्लान बनाने की बाध्यता कर दी गई है, जो जनता के धन की लूट ही है। कहा कि प्राधिकरण राष्ट्रीय और राज्य सड़क मार्ग के 200 मीटर के दोनों ओर लागू कर दिया गया है। इससे पूरे जिले में किसी भी तरह का निर्माण कार्य बिना डीडीए की अनुमति के संभव ही नहीं है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता एनडी पांडेय ने कहा कि भवन निर्माण प्लान संबंधी डीडीए के प्रावधान जन विरोधी हैं। पूर्व कर्मचारी नेता प्रेम सिंह बिष्ट, दयानंद भट्ट ने विकास प्राधिकरण को विनाश प्राधिकरण की संज्ञा देते हुए लोगों से संगठित होकर विरोध करने की अपील की। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कलौनी और चंद्र प्रकाश पुनेड़ा ने कहा कि प्राधिकरण को लागू करने से पहले कायदे से मास्टर प्लान लागू करना चाहिए था। तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखकर पूरे राज्य में विकास प्राधिकरण थोप दिया गया है। सभा का संचालन करते हुए व्यापार संघ के अध्यक्ष शमशेर महर ने कहा कि प्राधिकरण के खिलाफ शीघ्र ही जिला मुख्यालय में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। सभा में कैप्टन दीनदयाल गिरी, महेश पांडेय, मंगल जोशी, सीएम पांडेय आदि मौजूद थे।
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