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इंजीनियरिंग का शानदार कैरियर छोड़ अपनाया स्टार्ट अप
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के तीन युवाओं ने इंजीनियरिंग का शानदार कॅरिअर छोड़ कर ई-कामर्स कंपनी बिगीमार्ट शुरू कर स्टार्ट अप किया है। पहले चरण में युवा स्थानीय परंपरागत खाद्य उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। अगले चरण में रिंगाल और ऊन से बने उत्पादों को ई-बाजार मुहैया कराना है। पहाड़ी उत्पादों के लिए कंपनी के पास दिल्ली, नोएडा, बंगलूरू, हैदराबाद, बरेली आदि जगहों से मांग आ रही है। इससे युवाओं के हौसले बुलंद हैं।
नया बाजार निवासी जगदीश चंद्र पंत के बेटे जयंत पंत ने डीएसबी कैंपस से विज्ञान से स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने ढाई वर्ष तक दिल्ली में मल्टीनेशनल कंपनी एमेजॉन में काम किया। लिंक रोड निवासी विमल पांडे के बेटे मयंक पांडेय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से 2013 में बीटेक कर नोकिया सिमेंश बरेली में दो साल तक जॉब किया। इन्हीं के भाई प्रियंक पांडेय ने रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। प्रियंक ने देहरादून के कई कॉलेजों की वेबसाइट बनाई हैं। साथ ही सोशल मीडिया में कई नेताओं के प्रचार की जिम्मेदारी संभाली है।
उनकी सर्वज्ञान नाम से अपनी वेबसाइट भी है। प्रियंक ने गूगल एडसंस में काम भी किया है। तीनों ने शानदार नौकरी छोड़ जनवरी में पूना में बिगीमार्ट के नाम से ई-कामर्स कंपनी रजिस्टर्ड कराई। वर्तमान में तीनों युवा कुमाऊंनी उत्पादों को नगर के साथ ही विभिन्न प्रांतों में उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने डेलीवरी कंपनी से करार किया है। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के उत्पाद हिलांस से करार किया है। साथ ही ग्राम्या से भी उनके उत्पादों को बेचने के लिए वार्ता चल रही है। जयंत और मयंक ने बताया कि उन्हें लोगों से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी पहाड़ के खाद्य उत्पादों का अधिकाधिक प्रयोग करने का अनुरोध किया है।
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किसानों के उत्पादों को घर बैठे खरीदेंगे
पिथौरागढ़। ई-कामर्स कंपनी शुरू करने वाले जयंत पंत और मयंक पांडेय ने बताया कि कुमाऊंनी उत्पाद को बाजार उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसके चलते किसान परेशान रहते हैं। उनका उत्पादित सामान घर में ही बेकार हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ऐसे किसानों से संपर्क कर उनके उत्पादों को घर बैठे ही खरीदेंगे। बाद में उनकी पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को भी आर्थिक लाभ होगा। ब्यूरो
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नया बाजार निवासी जगदीश चंद्र पंत के बेटे जयंत पंत ने डीएसबी कैंपस से विज्ञान से स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने ढाई वर्ष तक दिल्ली में मल्टीनेशनल कंपनी एमेजॉन में काम किया। लिंक रोड निवासी विमल पांडे के बेटे मयंक पांडेय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से 2013 में बीटेक कर नोकिया सिमेंश बरेली में दो साल तक जॉब किया। इन्हीं के भाई प्रियंक पांडेय ने रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। प्रियंक ने देहरादून के कई कॉलेजों की वेबसाइट बनाई हैं। साथ ही सोशल मीडिया में कई नेताओं के प्रचार की जिम्मेदारी संभाली है।
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उनकी सर्वज्ञान नाम से अपनी वेबसाइट भी है। प्रियंक ने गूगल एडसंस में काम भी किया है। तीनों ने शानदार नौकरी छोड़ जनवरी में पूना में बिगीमार्ट के नाम से ई-कामर्स कंपनी रजिस्टर्ड कराई। वर्तमान में तीनों युवा कुमाऊंनी उत्पादों को नगर के साथ ही विभिन्न प्रांतों में उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने डेलीवरी कंपनी से करार किया है। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के उत्पाद हिलांस से करार किया है। साथ ही ग्राम्या से भी उनके उत्पादों को बेचने के लिए वार्ता चल रही है। जयंत और मयंक ने बताया कि उन्हें लोगों से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी पहाड़ के खाद्य उत्पादों का अधिकाधिक प्रयोग करने का अनुरोध किया है।
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किसानों के उत्पादों को घर बैठे खरीदेंगे
पिथौरागढ़। ई-कामर्स कंपनी शुरू करने वाले जयंत पंत और मयंक पांडेय ने बताया कि कुमाऊंनी उत्पाद को बाजार उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसके चलते किसान परेशान रहते हैं। उनका उत्पादित सामान घर में ही बेकार हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ऐसे किसानों से संपर्क कर उनके उत्पादों को घर बैठे ही खरीदेंगे। बाद में उनकी पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को भी आर्थिक लाभ होगा। ब्यूरो