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बुंगबुंग के आपदा प्रभावितों ने उठाई सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग
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पिथौरागढ़। सीमांत धारचूला तहसील के आपदा प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से गांव के ही सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन के नाम पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बुंगबुंग गांव के कुंवासों, सिमखोला, रौकासेण और आक्तू में भारी भूस्खलन होने के कारण भवन खतरे में हैं। बारिश में इन भवनों में रहना खतरे से खाली नहीं रहता। वर्ष 2016 से ग्रामीण मजबूर होकर खतरे की जद में आए भवनों में रह रहे हैं। पिछले वर्ष भी आपदा से काफी नुकसान हुआ था। यदि उन्हें समय पर विस्थापित नहीं किया गया तो बरसात में जमीन दरकने पर गंभीर घटना हो सकती है। आपदा प्रभावितों ने प्रशासन से शीघ्र विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने और विस्थापित किए जाने तक दस हजार रुपया प्रतिमाह दिए जाने की मांग उठाई। प्रभावित परिवारों का कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली तो तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान गीता देवी, राजेंद्र नबियाल, डिगर सिंह, रमेश आगरी आदि थे। ब्यूरो
बुंगबुंग गांव के कुंवासों, सिमखोला, रौकासेण और आक्तू में भारी भूस्खलन होने के कारण भवन खतरे में हैं। बारिश में इन भवनों में रहना खतरे से खाली नहीं रहता। वर्ष 2016 से ग्रामीण मजबूर होकर खतरे की जद में आए भवनों में रह रहे हैं। पिछले वर्ष भी आपदा से काफी नुकसान हुआ था। यदि उन्हें समय पर विस्थापित नहीं किया गया तो बरसात में जमीन दरकने पर गंभीर घटना हो सकती है। आपदा प्रभावितों ने प्रशासन से शीघ्र विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने और विस्थापित किए जाने तक दस हजार रुपया प्रतिमाह दिए जाने की मांग उठाई। प्रभावित परिवारों का कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली तो तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान गीता देवी, राजेंद्र नबियाल, डिगर सिंह, रमेश आगरी आदि थे। ब्यूरो
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