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सौर ऊर्जा संयत्र खरीद की जांच में मिली अनियमितता
Updated Mon, 13 Aug 2018 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा संयंत्र की खरीद की जांच में अनियमितता पाई गई है। जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री ने 14वें वित्त आयोग मद अंतर्गत ग्राम पंचायत के अंश की धनराशि से ग्राम पंचायतों द्वारा विभिन्न वर्षों में सौर ऊर्जा संयंत्र क्रय में अनियमितता के मामले में जांच करवाने के निर्देश दिए थे।
सीडीओ वंदना ने बताया इस मामले की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी, उरेड़ा के परियोजना अधिकारी और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने ग्राम पंचायतों के क्रय संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया तो अनियमितता उजागर हुई। जांच कमेटी के अनुसार, जनपद की 690 ग्राम पंचायतों में से केवल 163 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कुल 975 सौर ऊर्जा संयंत्र तथा तीन सोलर लालटेन खरीदे गए हैं।
वर्ष 2015-16 एवं 2018-19 में सौर ऊर्जा संयंत्र क्रय नहीं किए गए। सोलर स्ट्रीट लाइट की खरीद विभिन्न ग्राम पंचायतों द्वारा अलग-अलग दरों पर अलग-अलग 20 फर्मों से की गई हैं, जिनमें से ग्राम पंचायत चेटी चिमला (मुनस्यारी) की अधिकतम दर 26250 एवं न्यूनतम दर ग्राम पंचायत छारछुम (धारचूला) की 12273 प्रति सौर ऊर्जा संयंत्र मिली। सौर ऊर्जा संयंत्रों के स्पेेसीफिकेशन का अंकन फर्म द्वारा उपलब्ध कराए गए बिलों में अंकित है, जबकि इनकी वास्तविकता अभिलेखों के परीक्षण से जानना संभव नहीं है।
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उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्रों के स्पेसीफिकेशन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्थलीय सत्यापन का कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त जिन फर्मों से सौर ऊर्जा संयंत्र खरीदे गए हैं उनका सत्यापन तथा प्रचलित बाजार दरों का सर्वेक्षण कार्य एवं उरेडा द्वारा निर्धारित किये गए स्पेसीफिकेशन एवं दरों के आधार पर ग्राम पंचायतों द्वारा क्रय किए गए सौर ऊर्जा संयंत्रों की दरों का मिलान भी देखा जा रहा है। इस प्रकरण में फर्मों का सत्यापन कार्य भी किया जा रहा है।
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सीडीओ वंदना ने बताया इस मामले की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी, उरेड़ा के परियोजना अधिकारी और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने ग्राम पंचायतों के क्रय संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया तो अनियमितता उजागर हुई। जांच कमेटी के अनुसार, जनपद की 690 ग्राम पंचायतों में से केवल 163 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कुल 975 सौर ऊर्जा संयंत्र तथा तीन सोलर लालटेन खरीदे गए हैं।
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वर्ष 2015-16 एवं 2018-19 में सौर ऊर्जा संयंत्र क्रय नहीं किए गए। सोलर स्ट्रीट लाइट की खरीद विभिन्न ग्राम पंचायतों द्वारा अलग-अलग दरों पर अलग-अलग 20 फर्मों से की गई हैं, जिनमें से ग्राम पंचायत चेटी चिमला (मुनस्यारी) की अधिकतम दर 26250 एवं न्यूनतम दर ग्राम पंचायत छारछुम (धारचूला) की 12273 प्रति सौर ऊर्जा संयंत्र मिली। सौर ऊर्जा संयंत्रों के स्पेेसीफिकेशन का अंकन फर्म द्वारा उपलब्ध कराए गए बिलों में अंकित है, जबकि इनकी वास्तविकता अभिलेखों के परीक्षण से जानना संभव नहीं है।
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उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्रों के स्पेसीफिकेशन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्थलीय सत्यापन का कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त जिन फर्मों से सौर ऊर्जा संयंत्र खरीदे गए हैं उनका सत्यापन तथा प्रचलित बाजार दरों का सर्वेक्षण कार्य एवं उरेडा द्वारा निर्धारित किये गए स्पेसीफिकेशन एवं दरों के आधार पर ग्राम पंचायतों द्वारा क्रय किए गए सौर ऊर्जा संयंत्रों की दरों का मिलान भी देखा जा रहा है। इस प्रकरण में फर्मों का सत्यापन कार्य भी किया जा रहा है।