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भटेड़ी में मुर्गी पालन से डेढ़ साल में 1.51 करोड़ का कारोबार
Updated Wed, 13 Jun 2018 11:12 PM IST
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पिथौरागढ़। विकासखंड मूनाकोट के भटेड़ी गांव के युवा कुछ समय पूर्व तक रोजगार के लिए भटक रहे थे। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना ने 2015 में गांव का चयन कर 22 उत्पादक समूहों को आजीविका के लिए कृषि, पशुपालन और मुर्गीपालन से जोड़ा। वर्तमान में गांव में 20 मुर्गी फार्म हैं। मुर्गी पालकों द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष में 1.51 करोड़ का व्यवसाय कर 10.34 लाख रुपये का मुनाफा कमाया है।
एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना में गांव का चयन कर शुरुआत में सूर्यवंशी और भटेड़ी उत्पादक समूह में 14 सदस्यों को जोड़कर पंतनगर विवि में मुर्गी पालन दिया। जनवरी में 10 लोगों को केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान बरेली में एडवांस प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके बाद गांव में पोल्ट्री यूनिट की स्थापना की गई।
गांव के नरेंद्र सिंह गोबाड़ी ने नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के अंतर्गत क्रायलर मदर यूनिट स्थापित किया, जिसमें 15 सौ चूजे तैयार हो रहे हैं। गांव के तीन काश्तकारों राजेंद्र सिंह (एक), जमन सिंह और राजेंद्र सिंह को 40 फीसदी अनुदान में तीन हजार चूजे यूनिट क्षमता स्थापित करने के लिए करीब 28 लाख रुपये का टर्म लोन दिलाया गया।
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एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना में गांव का चयन कर शुरुआत में सूर्यवंशी और भटेड़ी उत्पादक समूह में 14 सदस्यों को जोड़कर पंतनगर विवि में मुर्गी पालन दिया। जनवरी में 10 लोगों को केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान बरेली में एडवांस प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके बाद गांव में पोल्ट्री यूनिट की स्थापना की गई।
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गांव के नरेंद्र सिंह गोबाड़ी ने नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के अंतर्गत क्रायलर मदर यूनिट स्थापित किया, जिसमें 15 सौ चूजे तैयार हो रहे हैं। गांव के तीन काश्तकारों राजेंद्र सिंह (एक), जमन सिंह और राजेंद्र सिंह को 40 फीसदी अनुदान में तीन हजार चूजे यूनिट क्षमता स्थापित करने के लिए करीब 28 लाख रुपये का टर्म लोन दिलाया गया।
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