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वनाग्नि के बाद आसमान में छाई धुंध
Updated Tue, 22 May 2018 10:40 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले भर के जंगलों में आग के बाद वातावरण को धुंध की चादर ने अपनी आगोश में लेे लिया है। धुंध से जिले में पर्यटन कारोबार को झटका लगा है। पर्यटक हिमालय दर्शन के साथ ही पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता नहीं निहार पा रहे हैं। इससे पर्यटकों में मायूसी छाई है।
पिथौरागढ़ मुख्यालय से सटे जंगलों से लेकर बेड़ीनाग, कनालीछीना, थल, अस्कोट, नाचनी, गंगोलीहाट, गणाई, डीडीहाट, उच्च हिमालयी क्षेत्र मुनस्यारी और धारचूला तक जंगलों में आग लगी है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहे तापमान से वनाग्नि की घटनाओं में तेजी आई है।
मंगलवार को जिले भर के आसमान में धुंध छाई रही। इससे वातावरण की दृश्यता कम हो गई। पहाड़ियां धुंध के आगोश में छिपी रही। इससे मुनस्यारी से लेकर धारचूला, बेड़ीनाग, चौकोड़ी, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ समेत जिले के कई पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटकों को मायूसी हुई।
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धुंध से बढ़ी स्वास्थ्य की समस्याएं
वनाग्नि की घटनाओं के बाद धुंध से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो गई हैं। इससे आंखों में जलन, खुजली के साथ ही सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वहीं, सांस रोगियों की मुश्किलों में और इजाफा हो गया है। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक एचएस खड़ायत का कहना है कि धुंध से सांस संबंधी समस्या पैदा हो रही हैं। आंखों में जलन, खुजली आदि संक्रमण का खतरा भी बना है। अस्पताल में इस तरह के रोगियों की आमद बढ़ी है।
नाचनी में फलदार प्रजाति के पेड़ जले
वनाग्नि के चलते तल्ला जोहार में डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में फैले आंवला, हरड़ आदि फलदार प्रजाति के पेड़ जल गए हैं। आग से जंगलों में अन्य फलदार और चौड़ी पत्ती वाले पेड़ों पर भी खतरा बना है। वन बीट अधिकारी रमेश लौधियाल ने बताया कि वन कर्मियों की टीम आग की रोकथाम में जुटी है।
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पिथौरागढ़ मुख्यालय से सटे जंगलों से लेकर बेड़ीनाग, कनालीछीना, थल, अस्कोट, नाचनी, गंगोलीहाट, गणाई, डीडीहाट, उच्च हिमालयी क्षेत्र मुनस्यारी और धारचूला तक जंगलों में आग लगी है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहे तापमान से वनाग्नि की घटनाओं में तेजी आई है।
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मंगलवार को जिले भर के आसमान में धुंध छाई रही। इससे वातावरण की दृश्यता कम हो गई। पहाड़ियां धुंध के आगोश में छिपी रही। इससे मुनस्यारी से लेकर धारचूला, बेड़ीनाग, चौकोड़ी, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ समेत जिले के कई पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटकों को मायूसी हुई।
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धुंध से बढ़ी स्वास्थ्य की समस्याएं
वनाग्नि की घटनाओं के बाद धुंध से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो गई हैं। इससे आंखों में जलन, खुजली के साथ ही सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वहीं, सांस रोगियों की मुश्किलों में और इजाफा हो गया है। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक एचएस खड़ायत का कहना है कि धुंध से सांस संबंधी समस्या पैदा हो रही हैं। आंखों में जलन, खुजली आदि संक्रमण का खतरा भी बना है। अस्पताल में इस तरह के रोगियों की आमद बढ़ी है।
नाचनी में फलदार प्रजाति के पेड़ जले
वनाग्नि के चलते तल्ला जोहार में डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में फैले आंवला, हरड़ आदि फलदार प्रजाति के पेड़ जल गए हैं। आग से जंगलों में अन्य फलदार और चौड़ी पत्ती वाले पेड़ों पर भी खतरा बना है। वन बीट अधिकारी रमेश लौधियाल ने बताया कि वन कर्मियों की टीम आग की रोकथाम में जुटी है।