{"_id":"5a6a12ed4f1c1b410b8b5126","slug":"151516901101-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त होने से बढ़ी दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त होने से बढ़ी दिक्कत
Updated Thu, 25 Jan 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। तहसील कार्यालय में आउटसोर्स से तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गई है। तहसील कार्यालय में चार कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात थे। इनकी सेवाएं समाप्त होने के बाद तहसील कार्यालय में लोगों के प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं और लोगों को भू-राजस्व अभिलेखों की नकल नहीं मिल पा रही है। लोग इस अव्यवस्था से खासे परेशान हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को विधायक प्रतिनिधि ईश्वर कोरंगा के नेतृत्व में तहसीलदार नारायण सिंह के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि जब पहले से तैनात ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त की गई थी तो शीघ्र नई तैनाती भी की जानी चाहिए थी। तहसील में सारे काम अब कंप्यूटर से और ऑनलाइन ही बन रहे हैं। ऐसे में लोग भारी परेशानी में आ जाएंगे।
विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति के आवेदन भी ऑनलाइन ही भरे जाने हैं। कई विद्यार्थी तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने तीन दिन के भीतर इस अव्यवस्था को दूर करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुंदर राम, एडवोकेट नाथू राम, एडवोकेट दुर्गा प्रसाद, शंकर धर्मशक्तू समेत कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को विधायक प्रतिनिधि ईश्वर कोरंगा के नेतृत्व में तहसीलदार नारायण सिंह के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि जब पहले से तैनात ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त की गई थी तो शीघ्र नई तैनाती भी की जानी चाहिए थी। तहसील में सारे काम अब कंप्यूटर से और ऑनलाइन ही बन रहे हैं। ऐसे में लोग भारी परेशानी में आ जाएंगे।
विज्ञापन
विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति के आवेदन भी ऑनलाइन ही भरे जाने हैं। कई विद्यार्थी तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने तीन दिन के भीतर इस अव्यवस्था को दूर करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुंदर राम, एडवोकेट नाथू राम, एडवोकेट दुर्गा प्रसाद, शंकर धर्मशक्तू समेत कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन