{"_id":"5a4285984f1c1b8d698c3e84","slug":"151514309016-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्तदान कर नए साल का स्वागत होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्तदान कर नए साल का स्वागत होगा
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। हर साल की तरह इस बार भी काली कुमाऊं क्षेत्र के लोग साल के अंतिम दिन रक्तदान कर नए साल का स्वागत करेंगे। इसके लिए काली कुमाऊं के लोगों ने तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को हुई बैठक कर लोगों ने कहा कि रक्तदान में काली कुमाऊं अंचल के लोगों के अलावा अन्य लोगों को भी शामिल किया जाएगा। यह कोशिश की जाएगी कि इस बार रक्तदान के लिए ज्यादा संख्या में लोग जुटें।
नगर में रहने वाले काली कुमाऊं अंचल के लोग पिछले 14 वर्षों से रक्तदान कर नए साल का स्वागत करते हैं। इस दिन का लोग इंतजार करते हैं। बैठक में कहा गया कि 31 दिसंबर के दिन शराब और मांस का सेवन कर हो हल्ला करने के बजाए बीमार और जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए। एक यूनिट खून से संकट में पड़े मरीज को जीवनदान मिल सकता है।
इस अभियान को गति देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार शुरू कर दिया गया है। 30 दिसंबर को इसके लिए नगर में प्रचार किया जाएगा। नए रक्तदाताओं की सूची तैयार की जाएगी। बैठक में डॉ. राजेंद्र खर्कवाल, हरीश भट्ट, हरीश पंगरिया, राकेश कलखुड़िया, संजू खर्कवाल, माधवानंद गड़कोटी, तुलसी जुकरिया आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर में रहने वाले काली कुमाऊं अंचल के लोग पिछले 14 वर्षों से रक्तदान कर नए साल का स्वागत करते हैं। इस दिन का लोग इंतजार करते हैं। बैठक में कहा गया कि 31 दिसंबर के दिन शराब और मांस का सेवन कर हो हल्ला करने के बजाए बीमार और जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए। एक यूनिट खून से संकट में पड़े मरीज को जीवनदान मिल सकता है।
विज्ञापन
इस अभियान को गति देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार शुरू कर दिया गया है। 30 दिसंबर को इसके लिए नगर में प्रचार किया जाएगा। नए रक्तदाताओं की सूची तैयार की जाएगी। बैठक में डॉ. राजेंद्र खर्कवाल, हरीश भट्ट, हरीश पंगरिया, राकेश कलखुड़िया, संजू खर्कवाल, माधवानंद गड़कोटी, तुलसी जुकरिया आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन