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नामिक में हो गया आलू डंप
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:23 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। खरीदार न मिलने से नामिक में 1100 क्विंटल आलू डंप पड़ गया है। ग्राहक तो आ रहे हैं लेकिन उचित मूल्य देने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि आलू खरीदने आ रहे ग्राहक आठ, नौ रुपये प्रति किलो से अधिक मूल्य देने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण इस मूल्य में आलू बेचने को तैयार नहीं है। पिछले साल नामिक में ही 12 रुपये किलो आलू बिका था। नामिक की मुख्य फसल आलू है। गांव के 122 परिवार आलू की खेती करते हैं। गांव के मान सिंह, प्रवीण सिंह, खुशाल सिंह, डिगर सिंह 30-30 क्विंटल से अधिक आलू पैदा करते हैं। गांव के लोगों को बागेश्वर जिले के गोगिना तक आलू लाने पर 300 रुपये भाड़ा देना पड़ता है। इस कारण गांव के लोग बाजार में भी आलू नहीं ला पा रहे हैं। आलू नहीं बिकता है तो गांव के लोगों की मेहनत पर पानी फिरना तय है। प्रधान तुलसी देवी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आलू ढुलान का अनुदान देने की मांग की है। कहा है कि सरकार अनुदान देती है तो वह लोग आलू बाजार में लाने को तैयार हैं।
ग्रामीण इस मूल्य में आलू बेचने को तैयार नहीं है। पिछले साल नामिक में ही 12 रुपये किलो आलू बिका था। नामिक की मुख्य फसल आलू है। गांव के 122 परिवार आलू की खेती करते हैं। गांव के मान सिंह, प्रवीण सिंह, खुशाल सिंह, डिगर सिंह 30-30 क्विंटल से अधिक आलू पैदा करते हैं। गांव के लोगों को बागेश्वर जिले के गोगिना तक आलू लाने पर 300 रुपये भाड़ा देना पड़ता है। इस कारण गांव के लोग बाजार में भी आलू नहीं ला पा रहे हैं। आलू नहीं बिकता है तो गांव के लोगों की मेहनत पर पानी फिरना तय है। प्रधान तुलसी देवी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आलू ढुलान का अनुदान देने की मांग की है। कहा है कि सरकार अनुदान देती है तो वह लोग आलू बाजार में लाने को तैयार हैं।
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