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संस्कृति प्रेमियों ने शरदोत्सव कराने की मांग उठाई
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:40 PM IST
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पिथौरागढ़। लोक कलाकार, लोक संस्कृति से जुड़े लोगों के साथ ही संस्कृति प्रेमियों ने पिथौरागढ़ में शरदोत्सव/विकास प्रदर्शनी का आयोजन करने की मांग उठाई है। वित्त मंत्री प्रकाश पंत और पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती को दिए ज्ञापन में इन लोगों ने शरदोत्सव जैसे आयोजनों के बंद होने को संस्कृति संरक्षण के लिए नुकसानदायक बताया है।
रविवार को संस्कृति प्रेमियों ने जिला मुख्यालय में बैठक करने के बाद पालिकाध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पिथौरागढ़ की पहचान रहा शरदोत्सव का आयोजन वर्ष 2014 के बाद नहीं हुआ है। शरदोत्सव का आयोजन बंद होने से स्थानीय कलाकारों के साथ ही विद्यालयों के बच्चों और संस्कृति प्रेमी जनता को पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। पालिकाध्यक्ष खाती ने सभासदों के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लेने की बात कही है।
इन लोगों ने वित्त मंत्री पंत से भी शरदोत्सव के साथ ही बंद हो चुके छलिया समेत अन्य महोत्सवों का आयोजन फिर से शुरू करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रकाश जोशी, रेखा जोशी, कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया, जनार्दन उप्रेती, गोविंद सिंह बिष्ट, प्रकाश बेलाल, कैलाश कुमार, धर्मेश जोशी, राजेश कुमार, हैरी धपोला के हस्ताक्षर हैं।
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रविवार को संस्कृति प्रेमियों ने जिला मुख्यालय में बैठक करने के बाद पालिकाध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पिथौरागढ़ की पहचान रहा शरदोत्सव का आयोजन वर्ष 2014 के बाद नहीं हुआ है। शरदोत्सव का आयोजन बंद होने से स्थानीय कलाकारों के साथ ही विद्यालयों के बच्चों और संस्कृति प्रेमी जनता को पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। पालिकाध्यक्ष खाती ने सभासदों के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लेने की बात कही है।
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इन लोगों ने वित्त मंत्री पंत से भी शरदोत्सव के साथ ही बंद हो चुके छलिया समेत अन्य महोत्सवों का आयोजन फिर से शुरू करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रकाश जोशी, रेखा जोशी, कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया, जनार्दन उप्रेती, गोविंद सिंह बिष्ट, प्रकाश बेलाल, कैलाश कुमार, धर्मेश जोशी, राजेश कुमार, हैरी धपोला के हस्ताक्षर हैं।
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