{"_id":"5955356c4f1c1ba8328b4653","slug":"151498756460-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"3 कुमाऊं राइफल्स के जांबाजों की जानकारी नई पीढ़ी को देंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
3 कुमाऊं राइफल्स के जांबाजों की जानकारी नई पीढ़ी को देंगे
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। अपनी स्थापना की सौवीं वर्षगांठ मना रही सेना की 3 कुमाऊं राइफल्स के खाते में कई बड़ी उपलब्धियां जुड़ी हैं। इन सौ वर्षों में इस बटालियन ने वीरता और शौर्य की जो मिसाल कायम की, उसे नई पीढ़ी की जानकारी में लाया जाएगा। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर वीरनारियों के सम्मान पर खास ध्यान दिया गया है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि बटालियन का सिर ऊंचा करने में वीरनारियों का योगदान बहुत ज्यादा रहा है।
सेना के अवकाश प्राप्त मेजर जनरल आरके कौशल ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि 3 कुमाऊं राइफल्स भारतीय सेना की बेमिसाल धरोहर है। इस सेना ने दो अंग्रेज वायसराय और चार राष्ट्रपतियों की सुरक्षा की कमान संभाली थी। युद्ध और वीरता में इस सेना ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वह कहते हैं कि पिथौरागढ़ जिले के सूबेदार मेजर रहे राम सिंह थापा, होशियार सिंह, देवीदत्त पुनेड़ा की नेतृत्व क्षमता की जानकारी नई पीढ़ी के सामने रखेंगे।
इसके लिए उनकी कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति, जनरल बीसी जोशी आर्मी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, डिग्री कॉलेज के प्राचार्यों से बात हो चुकी है। जल्द ही नौजवानों को 3 कुमाऊं के इतिहास के बारे में बताया जाएगा। शताब्दी समारोह में आम जनता की भागीदारी तय करने के लिए जिलाधिकारी सी रविशंकर से भी वार्ता हो चुकी है। जिला प्रशासन अपनी ओर से मदद करेगा।
विज्ञापन
मेजर जनरल (रि) कौशल ने बताया कि शताब्दी समारोह के कार्यक्रम अक्तूबर तक चलेंगे। इस अवधि में पूर्व सैनिकों के लिए हॉल का निर्माण, शहीद स्मारक का निर्माण जैसे काम किए जाएंगे। इसके अलावा लोगों को बटालियन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 3 कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह में आम जनता की भी भागीदारी होगी और भारतीय सेना की इस गौरवशाली बटालियन की उपलब्धियों से आम जनता को भी रूबरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
सेना के अवकाश प्राप्त मेजर जनरल आरके कौशल ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि 3 कुमाऊं राइफल्स भारतीय सेना की बेमिसाल धरोहर है। इस सेना ने दो अंग्रेज वायसराय और चार राष्ट्रपतियों की सुरक्षा की कमान संभाली थी। युद्ध और वीरता में इस सेना ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वह कहते हैं कि पिथौरागढ़ जिले के सूबेदार मेजर रहे राम सिंह थापा, होशियार सिंह, देवीदत्त पुनेड़ा की नेतृत्व क्षमता की जानकारी नई पीढ़ी के सामने रखेंगे।
विज्ञापन
इसके लिए उनकी कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति, जनरल बीसी जोशी आर्मी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, डिग्री कॉलेज के प्राचार्यों से बात हो चुकी है। जल्द ही नौजवानों को 3 कुमाऊं के इतिहास के बारे में बताया जाएगा। शताब्दी समारोह में आम जनता की भागीदारी तय करने के लिए जिलाधिकारी सी रविशंकर से भी वार्ता हो चुकी है। जिला प्रशासन अपनी ओर से मदद करेगा।
विज्ञापन
मेजर जनरल (रि) कौशल ने बताया कि शताब्दी समारोह के कार्यक्रम अक्तूबर तक चलेंगे। इस अवधि में पूर्व सैनिकों के लिए हॉल का निर्माण, शहीद स्मारक का निर्माण जैसे काम किए जाएंगे। इसके अलावा लोगों को बटालियन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 3 कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह में आम जनता की भी भागीदारी होगी और भारतीय सेना की इस गौरवशाली बटालियन की उपलब्धियों से आम जनता को भी रूबरू कराया जाएगा।