{"_id":"595535584f1c1bca518b45d4","slug":"151498756440-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नामिक वालों का आंदोलन अगस्त तक स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नामिक वालों का आंदोलन अगस्त तक स्थगित
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। नामिक के लोगों ने सड़क, स्वास्थ्य, संचार सुविधा को लेकर एक जुलाई को प्रस्तावित जिला मुख्यालय कूच को अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है। नामिक के लोगों ने डीएम और धारचूला के विधायक के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया है।
नामिक के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य ने सड़क, संचार, स्वास्थ्य सेवा के मुद्दे पर एक जुलाई को इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी। ग्रामीणों ने गांव से 165 किमी दूर पिथौरागढ़ तक मौन जुलूस निकालने की चेतावनी दी थी। नामिक के लोगों की नाराजगी सामने आने के बाद डीएम सी रविशंकर ने हस्तक्षेप किया था। उन्होंने नामिक के लोगों से वार्ता के लिए एसडीएम को भेजा। नामिक के लिए स्वीकृत सड़क के निर्माण की पहल की। नामिक के लिए होकरा के पास से 19 करोड़ की लागत की 17 किमी लंबी सड़क स्वीकृत है। 15 सितंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नामिक सड़क का शिलान्यास किया था। सड़क के टेंडर भी हो गए लेकिन होकरा के लोगों के विरोध और वन भूमि का मामला निस्तारित न होने पर सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ। अब प्रशासन सैंणराथी सड़क से नामिक सड़क को लिंक कराने के प्रयासों में जुटा है। इसके लिए सर्वे में बदलाव होगा।
इस बीच धारचूला के विधायक हरीश धामी ने नामिक के लोगों से वार्ता की है। विधायक ने गांव के लोगों से 15 दिन का समय मांगा है। विधायक ने कहा है कि नामिक की सड़क उन्होंने स्वीकृत कराई है। सड़क की लड़ाई वह स्वयं लड़ेंगे। नामिक की प्रधान तुलसी जैम्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल ने कहा है कि डीएम और विधायक की पहल पर आंदोलन स्थगित किया है। अगस्त अंत तक सड़क के साथ ही संचार और स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलने पर वह एक सितंबर को इस्तीफा दे देंगे। गांव के लोगों के साथ जिला मुख्यालय कूच किया जाएगा। नामिक के लोगों को सड़क मार्ग तक पहुंचने के लिए 27 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नामिक के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य ने सड़क, संचार, स्वास्थ्य सेवा के मुद्दे पर एक जुलाई को इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी। ग्रामीणों ने गांव से 165 किमी दूर पिथौरागढ़ तक मौन जुलूस निकालने की चेतावनी दी थी। नामिक के लोगों की नाराजगी सामने आने के बाद डीएम सी रविशंकर ने हस्तक्षेप किया था। उन्होंने नामिक के लोगों से वार्ता के लिए एसडीएम को भेजा। नामिक के लिए स्वीकृत सड़क के निर्माण की पहल की। नामिक के लिए होकरा के पास से 19 करोड़ की लागत की 17 किमी लंबी सड़क स्वीकृत है। 15 सितंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नामिक सड़क का शिलान्यास किया था। सड़क के टेंडर भी हो गए लेकिन होकरा के लोगों के विरोध और वन भूमि का मामला निस्तारित न होने पर सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ। अब प्रशासन सैंणराथी सड़क से नामिक सड़क को लिंक कराने के प्रयासों में जुटा है। इसके लिए सर्वे में बदलाव होगा।
विज्ञापन
इस बीच धारचूला के विधायक हरीश धामी ने नामिक के लोगों से वार्ता की है। विधायक ने गांव के लोगों से 15 दिन का समय मांगा है। विधायक ने कहा है कि नामिक की सड़क उन्होंने स्वीकृत कराई है। सड़क की लड़ाई वह स्वयं लड़ेंगे। नामिक की प्रधान तुलसी जैम्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल ने कहा है कि डीएम और विधायक की पहल पर आंदोलन स्थगित किया है। अगस्त अंत तक सड़क के साथ ही संचार और स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलने पर वह एक सितंबर को इस्तीफा दे देंगे। गांव के लोगों के साथ जिला मुख्यालय कूच किया जाएगा। नामिक के लोगों को सड़क मार्ग तक पहुंचने के लिए 27 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन