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बीसाबजेड़ क्षेत्र में संचार व्यवस्था बदहाल
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:36 PM IST
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पिथौरागढ़। बीसाबजेड़ क्षेत्र के कई गांवों में बीएसएनएल और आइडिया के टावर होने के बावजूद संचार सुविधा नहीं मिलने से लोगों में आक्रोश पनप रहा है। जिला पंचायत सदस्य ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप सिग्नल विहीन टावरों को हटाए जाने की मांग की है।
बीसाबजेड़ क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्या गोदावरी देवी ने कहा है कि लछैर, मड़मानले, बंदा, अखूली, गलात, धौलकांडा, सौड़लेख, सेरीगाड़, खर्कदोली, चिराली, गंगासेरी आदि गांवों में बीएसएनएल, आइडिया के टावर लगाए जाने के बावजूद ग्रामीणों को संचार के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि उक्त क्षेत्र दूरस्थ होने के साथ ही सैनिक बाहुल्य भी है। लछैर और बंदा में तो किसी भी संचार कंपनी के सिग्नल नहीं हैं। इससे ग्रामीण अपने दूरदराज रहने वाले परिजनों से भी वार्ता नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों में यदि कोई आपदा की घटना होती है तो ग्रामीण इसकी सूचना प्रशासन तक भी नहीं पहुंचा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन ने मांग की है कि वह संबंधित कंपनियों को सिग्नल बढ़ाने के लिए निर्देशित करें। साथ ही कहा है कि यदि ग्रामीणों को संचार सुविधा नहीं मिलती है तो शोपीस बने इन टावरों को हटा दिया जाए।
बीसाबजेड़ क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्या गोदावरी देवी ने कहा है कि लछैर, मड़मानले, बंदा, अखूली, गलात, धौलकांडा, सौड़लेख, सेरीगाड़, खर्कदोली, चिराली, गंगासेरी आदि गांवों में बीएसएनएल, आइडिया के टावर लगाए जाने के बावजूद ग्रामीणों को संचार के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि उक्त क्षेत्र दूरस्थ होने के साथ ही सैनिक बाहुल्य भी है। लछैर और बंदा में तो किसी भी संचार कंपनी के सिग्नल नहीं हैं। इससे ग्रामीण अपने दूरदराज रहने वाले परिजनों से भी वार्ता नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों में यदि कोई आपदा की घटना होती है तो ग्रामीण इसकी सूचना प्रशासन तक भी नहीं पहुंचा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन ने मांग की है कि वह संबंधित कंपनियों को सिग्नल बढ़ाने के लिए निर्देशित करें। साथ ही कहा है कि यदि ग्रामीणों को संचार सुविधा नहीं मिलती है तो शोपीस बने इन टावरों को हटा दिया जाए।
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