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डूब क्षेत्र के लोगों से अनापति प्रमाणपत्र मांगने का विरोध
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:46 PM IST
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पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे गांव के लोगों से अनापत्ति मांगने का कई संगठनों ने विरोध किया है। कहा कि जब लोगों को डूब क्षेत्र और विस्थापन से संबंधित कानूनों की जानकारी ही नहीं है तो वह कैसे अनापत्ति प्रमाणपत्र देंगे। महाकाली लोक संगठन ने कहा कि सबसे पहले वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों को लागू किया जाए और लोगों को वन भूमि का हक दिया जाए।
महाकाली लोक संगठन के सुरेंद्र आर्या, विप्लव भट्ट, वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के तरुण जोशी, हिमधारा पर्यावरण समूह के प्रकाश भंडारी, सुमित महर, उत्तराखंड क्रांति दल के काशी सिंह ऐरी, हरेला संस्था के मनोज मटवाल समेत कई लोगों की ओर से केंद्र और राज्य सरकार को इस बाबत पत्र भेजे गए हैं। कहा गया है कि डूब क्षेत्र में आ रही इस जिले की 87 ग्राम पंचायतों के लोगों से तब तक अनापत्ति प्रमाणपत्र न लिया जाए, जब तक लोगों को वन भूमि का अधिकार नहीं मिल जाता।
कहा गया कि सभी गांवों के लोग चारा, घास, लकड़ी, पानी के लिए इन जंगलों पर ही निर्भर रहते हैं। वन पंचायतों के माध्यम से लोगों को काफी सुविधाएं मिलती हैं। पत्र में कहा गया है कि अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया को स्थगित किया जाए और उससे पहले लोगों को उनके हकहकूक दिए जाएं।
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महाकाली लोक संगठन के सुरेंद्र आर्या, विप्लव भट्ट, वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के तरुण जोशी, हिमधारा पर्यावरण समूह के प्रकाश भंडारी, सुमित महर, उत्तराखंड क्रांति दल के काशी सिंह ऐरी, हरेला संस्था के मनोज मटवाल समेत कई लोगों की ओर से केंद्र और राज्य सरकार को इस बाबत पत्र भेजे गए हैं। कहा गया है कि डूब क्षेत्र में आ रही इस जिले की 87 ग्राम पंचायतों के लोगों से तब तक अनापत्ति प्रमाणपत्र न लिया जाए, जब तक लोगों को वन भूमि का अधिकार नहीं मिल जाता।
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कहा गया कि सभी गांवों के लोग चारा, घास, लकड़ी, पानी के लिए इन जंगलों पर ही निर्भर रहते हैं। वन पंचायतों के माध्यम से लोगों को काफी सुविधाएं मिलती हैं। पत्र में कहा गया है कि अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया को स्थगित किया जाए और उससे पहले लोगों को उनके हकहकूक दिए जाएं।
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