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बांध डूब क्षेत्र प्रभावित संघर्ष समिति ने डीपीआर पर खड़े किए सवाल
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध डूब क्षेत्र प्रभावित संघर्ष समिति ने पंचेश्वर बांध की डीपीआर पर सवाल खड़े किए हैं। समिति ने इस बाबत प्रभारी जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर भट्ट के नेतृत्व में प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान से मिले लोगों ने कहा कि पंचेश्वर बांध की डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी वाप्कोस ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से आंकड़े जुटाए हैं, जो कि विश्वसनीय नहीं है। कहा कि बांध से प्रभावित 29715 परिवारों में से केवल 1308 को विस्थापित करने का प्रावधान किया गया है। प्रभावितों की गांव वार सूची प्रकाशित की जानी चाहिए। 89 मंदिरों में से केवल तीन मंदिरों पंचेश्वर, रामेश्वर, तालेश्वर को प्राथमिकता दी गई है, जबकि सारे मंदिर आस्था के केंद्र हैं।
इन लोगों ने प्रभावितों को 10 गुना अधिक मुआवजा देने की मांग की है। विस्थापित होने वाले लोगों को न्यूनतम एक-एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस दौरान नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र आर्या, जमन सिंह, पुष्कर सिंह गोबाड़ी आदि थे।
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जन सुनवाई स्थगित करने की मांग
माटू जन संगठन के विमल भाई और पर्यावरण कार्यकर्ता सुमित महर ने पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई स्थगित करने की मांग की है। कहा है कि पर्यावरण मंत्रालय के प्रावधानों के अनुसार जन सुनवाई की आधिकारिक जानकारी एक महीने पहले देनी चाहिए। पर्यावरण प्रभाव आकलन, सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रबंध योजना रिपोर्ट लोगों को नहीं मिली है। कहा कि जन सुनवाई को लेकर प्रशासन भ्रम फैला रहा है।
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संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर भट्ट के नेतृत्व में प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान से मिले लोगों ने कहा कि पंचेश्वर बांध की डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी वाप्कोस ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से आंकड़े जुटाए हैं, जो कि विश्वसनीय नहीं है। कहा कि बांध से प्रभावित 29715 परिवारों में से केवल 1308 को विस्थापित करने का प्रावधान किया गया है। प्रभावितों की गांव वार सूची प्रकाशित की जानी चाहिए। 89 मंदिरों में से केवल तीन मंदिरों पंचेश्वर, रामेश्वर, तालेश्वर को प्राथमिकता दी गई है, जबकि सारे मंदिर आस्था के केंद्र हैं।
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इन लोगों ने प्रभावितों को 10 गुना अधिक मुआवजा देने की मांग की है। विस्थापित होने वाले लोगों को न्यूनतम एक-एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस दौरान नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र आर्या, जमन सिंह, पुष्कर सिंह गोबाड़ी आदि थे।
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जन सुनवाई स्थगित करने की मांग
माटू जन संगठन के विमल भाई और पर्यावरण कार्यकर्ता सुमित महर ने पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई स्थगित करने की मांग की है। कहा है कि पर्यावरण मंत्रालय के प्रावधानों के अनुसार जन सुनवाई की आधिकारिक जानकारी एक महीने पहले देनी चाहिए। पर्यावरण प्रभाव आकलन, सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रबंध योजना रिपोर्ट लोगों को नहीं मिली है। कहा कि जन सुनवाई को लेकर प्रशासन भ्रम फैला रहा है।