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रोजगार सेवकों को 10 माह से नहीं मिला मानदेय
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। मनरेगा के अंतर्गत किए गए कार्य का 15 दिन में भुगतान का दावा किया जाता है। बावजूद इसके एक निर्धन ग्रामीण पिछले दो वर्ष से भुगतान के लिए कभी विकास खंड तो कभी जनता दरबार के चक्कर काटने को विवश है। जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।
ग्राम पंचायत गुड़ौली में 2017 में हरि राम के आंगन की दीवार ढह गई थी। उसने विकास खंड में प्रार्थना पत्र दिया तो मनरेगा के अंतर्गत 30 हजार रुपये दीवार लगाने के लिए स्वीकृत किए गए। हरि राम ने परिचितों से कर्जा लेकर दीवार का निर्माण कर दिया। पिछले वर्ष उसे 6300 रुपये का भुगतान किया गया। शेष धनराशि के लिए वो लगातार विकास खंड कार्यालय के चक्कर काटता रहा। व्यथित होकर हरि राम ने 19 फरवरी को जिलाधिकारी के जनता मिलन कार्यक्रम में मामले को उठाया।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को नियमानुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद अभी तक उसे शेष भुगतान नहीं हो पाया है। हरिराम ने बताया कि भुगतान नहीं होने से उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट ने बताया कि आधार नंबर गलत होने के कारण हरि राम के खाते में धनराशि नहीं पहुंच पाई। उन्होंने बताया कि अब खाते में आधार नंबर सही करा दिया गया है। जल्द ही अवशेष भुगतान करा दिया जाएगा।
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रोजगार सेवकों को 10 माह से नहीं मिला मानदेय
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। विकास खंड में कार्यरत रोजगार सेवकों को पिछले 10 माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके चलते उन्हें परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंप शीघ्र मानदेय दिलाने की मांग की है।
रोजगार सेवकों ने कहा है कि वो मनरेगा के कार्यों को करते आ रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें काफी समय से भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने 11 मार्च तक भुगतान नहीं होने पर सामूहिक त्याग पत्र देने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में हरीश चिराल, केदार देवली, किशन लाल, केदार राम, त्रिलोक राम, दिनेश सिंह, नरेंद्र धामी, बाला सिंह, मनोहर सिंह, भाष्कर द्विवेदी, कैलाश द्विवेदी, किशन राम, गोविंद राम आदि शामिल रहे।
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ग्राम पंचायत गुड़ौली में 2017 में हरि राम के आंगन की दीवार ढह गई थी। उसने विकास खंड में प्रार्थना पत्र दिया तो मनरेगा के अंतर्गत 30 हजार रुपये दीवार लगाने के लिए स्वीकृत किए गए। हरि राम ने परिचितों से कर्जा लेकर दीवार का निर्माण कर दिया। पिछले वर्ष उसे 6300 रुपये का भुगतान किया गया। शेष धनराशि के लिए वो लगातार विकास खंड कार्यालय के चक्कर काटता रहा। व्यथित होकर हरि राम ने 19 फरवरी को जिलाधिकारी के जनता मिलन कार्यक्रम में मामले को उठाया।
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जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को नियमानुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद अभी तक उसे शेष भुगतान नहीं हो पाया है। हरिराम ने बताया कि भुगतान नहीं होने से उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट ने बताया कि आधार नंबर गलत होने के कारण हरि राम के खाते में धनराशि नहीं पहुंच पाई। उन्होंने बताया कि अब खाते में आधार नंबर सही करा दिया गया है। जल्द ही अवशेष भुगतान करा दिया जाएगा।
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रोजगार सेवकों को 10 माह से नहीं मिला मानदेय
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। विकास खंड में कार्यरत रोजगार सेवकों को पिछले 10 माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके चलते उन्हें परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंप शीघ्र मानदेय दिलाने की मांग की है।
रोजगार सेवकों ने कहा है कि वो मनरेगा के कार्यों को करते आ रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें काफी समय से भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने 11 मार्च तक भुगतान नहीं होने पर सामूहिक त्याग पत्र देने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में हरीश चिराल, केदार देवली, किशन लाल, केदार राम, त्रिलोक राम, दिनेश सिंह, नरेंद्र धामी, बाला सिंह, मनोहर सिंह, भाष्कर द्विवेदी, कैलाश द्विवेदी, किशन राम, गोविंद राम आदि शामिल रहे।