{"_id":"5bb258fe867a554f1a4b277e","slug":"131538414846-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटीफाइड एरिया जौलजीबी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटीफाइड एरिया जौलजीबी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। नोटिफाइड एरिया जौलजीबी करने की मांग को लेकर सीमांत धारचूला क्षेत्र के लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।
सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे सीमांत के लोगों ने कहा कि भारत-नेपाल और चीन सीमा को देखते हुए भारत सरकार ने धारचूला को नोटीफाइड एरिया घोषित किया था। जौलजीबी से नोटिफाइड एरिया शुरू होता था। इससे कोई भी बाहरी व्यक्ति वैध परमिट के आधार पर ही धारचूला में प्रवेश कर सकता था। बाद में नोटिफाइड एरिया को जौलजीबी से हटाकर 80 किमी दूर छियालेख कर देने से सीमांत क्षेत्र में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे आपराधिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण और दुर्लभ जीवों के संरक्षण के लिए फिर से जौलजीबी करने की मांग की। कहा कि यदि प्रशासन ने इस मांग पर शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की तो पूरे सीमांत क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
प्रदर्शन करने वालों में अखिल भारतीय युवा संगठन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में महेंद्र सिंह, बृजेश कुंवर, देवेंद्र, विजय सिंह, दीपक कुमार, दीपक दरियाल, लीला बनंग्याल, सुबो दरियाल, अनिल दुग्ताल, किशन कठायत, केशर, टिकेंद्र दानू, जयराज बुदियाल, धनुली बिष्ट आदि क्षेत्रवासी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे सीमांत के लोगों ने कहा कि भारत-नेपाल और चीन सीमा को देखते हुए भारत सरकार ने धारचूला को नोटीफाइड एरिया घोषित किया था। जौलजीबी से नोटिफाइड एरिया शुरू होता था। इससे कोई भी बाहरी व्यक्ति वैध परमिट के आधार पर ही धारचूला में प्रवेश कर सकता था। बाद में नोटिफाइड एरिया को जौलजीबी से हटाकर 80 किमी दूर छियालेख कर देने से सीमांत क्षेत्र में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे आपराधिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण और दुर्लभ जीवों के संरक्षण के लिए फिर से जौलजीबी करने की मांग की। कहा कि यदि प्रशासन ने इस मांग पर शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की तो पूरे सीमांत क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में अखिल भारतीय युवा संगठन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में महेंद्र सिंह, बृजेश कुंवर, देवेंद्र, विजय सिंह, दीपक कुमार, दीपक दरियाल, लीला बनंग्याल, सुबो दरियाल, अनिल दुग्ताल, किशन कठायत, केशर, टिकेंद्र दानू, जयराज बुदियाल, धनुली बिष्ट आदि क्षेत्रवासी शामिल थे।
विज्ञापन