फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   एक और कटखना बंदर पिंजरे में कैद

एक और कटखना बंदर पिंजरे में कैद

Sun, 02 Jul 2017 11:07 PM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
एक और कटखना बंदर पिंजरे में कैद
पिथौरागढ़। घंटाकरण शिव मंदिर में बंदरों को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में रविवार को एक और बंदर कैद हो गया। एक सप्ताह से इस स्थान पर रखे पिंजरे में अब तक सिर्फ दो बंदर ही पकड़े गए हैं। वन विभाग के कर्मचारी पिंजरा लगाने के बाद देखने तक नहीं गए।
विज्ञापन


मंदिर के पुजारियों का कहना है कि पहले पकड़े गए बंदर को शहर के पास ही छोड़ दिया गया था। यह बंदर फिर से अपने समूह में शामिल हो गया। इससे पहले जिला पंचायत के आवासीय परिसर में 13 बंदर पकड़े गए थे, लेकिन बंदरों की संख्या कम नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन


पिछले महीने कटखने बंदरों द्वारा कई लोगों को काटने के बाद वन विभाग के कर्मचारी हरकत में आए थे, लेकिन पकड़े गए बंदरों को दूर नहीं खदेड़ा जा रहा है। इस कारण उनका आतंक समाप्त नहीं हो पा रहा है। लोगों की मांग है कि पकड़े गए बंदरों को इतनी दूर ले जाया जाए कि वह वापस न आ सकें। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि घर के पास आने वाले बंदरों को खाने के लिए कुछ न दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब सांड़ बनने लगे मुसीबत
पिथौरागढ़। नगर के लोगों के लिए अब सांड़ मुसीबत का कारण बनने लगे हैं। नगर में इस समय खूंखार किस्म के दो सांड़ घूम रहे हैं। नगरपालिका ने इनको पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। यह सांड़ जिस इलाके में पहुंच रहे हैं, वहां दहशत का माहौल हो रहा है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी ने बताया कि यदि पशुपालन विभाग इन खूंखार सांड़ों को पकड़ने में मदद करे तो उनको बड़ावे स्थित गोसेवा केंद्र में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed