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बारहमासी सड़क ने रोकी पर्यटकों की राह
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:05 PM IST
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पिथौरागढ़। टनकपुर-पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क ने इस बार लोहाघाट और सोरघाटी (पिथौरागढ़) आने वाले बंगाली पर्यटकों की राह रोक दी है। सड़क पर घंटों जाम में फंसने के बाद पर्यटक इतने व्यथित हो गए कि उन्होंने पश्चिमी बंगाल में अपने रिश्तेदारों और परिचितों को यहां आने से रोक दिया। इसका सीधा असर यहां के पर्यटन कारोबार पर पड़ा है।
बंगाली पर्यटक कुमाऊं में टनकपुर से श्यामलाताल, चंपावत, लोहाघाट, मायावती होते हुए पिथौरागढ़ पहुंचता था। यहां के बाद पर्यटक धारचूला, नारायण आश्रम से फिर मुनस्यारी होते हुए वापस चौकोड़ी, पातालभुवनेश्वर से बागेश्वर जाता था। इस बार बारहमासी सड़क ने पर्यटकों को सोरघाटी आने से रोक दिया है। इक्का-दुक्का यहां पहुंचे बंगाली पर्यटकों ने कहा कि उन्हें जगह-जगह घंटों जाम में फंसना पड़ा।
इसके चलते महिला और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पर्यटक अभिषेक चटर्जी ने बताया कि नैसर्गिक रूप से पिथौरागढ़ की वादियां बेहद खूबसूरत हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने में उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके चलते उन्होंने अपने परिचितों को फिलहाल यहां आने से रोक दिया है।
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केएमवीएन पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि पिछले वर्षों तक पर्यटन सीजन में पांच हजार से अधिक पर्यटक आते थे, जो टीआरसी के साथ ही होटलों में ठहरते थे। इनमें से कई पर्यटक महाकाली, सरयू नदी में राफ्टिंग का भी आनंद उठाते थे। इस बार सड़क की परेशानी के चलते पर्यटक अपनी बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं।
होटल एसोसिएशन के सचिव राकेश देवलाल कहते हैं कि इस सीजन में बंगाली पर्यटक यहां नहीं पहुंचे। इसका प्रतिकूल असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। अलबत्ता सीमांत जिले के चौकोड़ी, मुनस्यारी में पर्यटक काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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बंगाली पर्यटक कुमाऊं में टनकपुर से श्यामलाताल, चंपावत, लोहाघाट, मायावती होते हुए पिथौरागढ़ पहुंचता था। यहां के बाद पर्यटक धारचूला, नारायण आश्रम से फिर मुनस्यारी होते हुए वापस चौकोड़ी, पातालभुवनेश्वर से बागेश्वर जाता था। इस बार बारहमासी सड़क ने पर्यटकों को सोरघाटी आने से रोक दिया है। इक्का-दुक्का यहां पहुंचे बंगाली पर्यटकों ने कहा कि उन्हें जगह-जगह घंटों जाम में फंसना पड़ा।
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इसके चलते महिला और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पर्यटक अभिषेक चटर्जी ने बताया कि नैसर्गिक रूप से पिथौरागढ़ की वादियां बेहद खूबसूरत हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने में उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके चलते उन्होंने अपने परिचितों को फिलहाल यहां आने से रोक दिया है।
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केएमवीएन पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि पिछले वर्षों तक पर्यटन सीजन में पांच हजार से अधिक पर्यटक आते थे, जो टीआरसी के साथ ही होटलों में ठहरते थे। इनमें से कई पर्यटक महाकाली, सरयू नदी में राफ्टिंग का भी आनंद उठाते थे। इस बार सड़क की परेशानी के चलते पर्यटक अपनी बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं।
होटल एसोसिएशन के सचिव राकेश देवलाल कहते हैं कि इस सीजन में बंगाली पर्यटक यहां नहीं पहुंचे। इसका प्रतिकूल असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। अलबत्ता सीमांत जिले के चौकोड़ी, मुनस्यारी में पर्यटक काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।