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सड़क कटिंग के मलबे से वन संपदा को नुकसान
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:35 PM IST
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पिथौरागढ़। जौलजीबी से धारचूला की ओर ग्रिफ द्वारा सड़क चौड़ीकरण के दौरान फेंके जा रहे मलबे से बहुमूल्य वन संपदा के साथ ही पर्यावरण को भी खासा नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र के लोगों ने निर्धारित स्थलों पर ही मलबा डंप करने की मांग की है।
जौलजीबी से ढुंगातोली के बीच काफी समय से सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। ढुंगातोली एवं किमखोला के पास मलबे और बोल्डरों को सड़क के नीचे सीधे जंगल में डाल दिया जा रहा है। इससे साल, शीशम, टुन आदि पेड़-पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही धूल से स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किमखोला के पूर्व प्रधान राम सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान निकले मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में डाला जाए, जिससे कि पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
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जौलजीबी से ढुंगातोली के बीच काफी समय से सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। ढुंगातोली एवं किमखोला के पास मलबे और बोल्डरों को सड़क के नीचे सीधे जंगल में डाल दिया जा रहा है। इससे साल, शीशम, टुन आदि पेड़-पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही धूल से स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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किमखोला के पूर्व प्रधान राम सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान निकले मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में डाला जाए, जिससे कि पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
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