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तो फिर से खोदनी पड़ेंगी शहर की सड़कें
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:12 PM IST
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पिथौरागढ़। नगर में पूर्व में बिछाई गई सीवर लाइन में बड़ा खेल हुआ है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच चल रही है। कई अभियंता वर्तमान में उच्च पदों पर आसीन हो चुके हैं। ऐसे में विभागीय जांच की आंच उन पर पड़ेगी या नहीं इस पर संशय बरकरार है। वहीं, सड़कों के नीचे डाले गए चेंबरों का पता लगाने के लिए सड़कों को फिर से खोदा जाएगा।
जिला मुख्यालय में वर्ष 2006 में सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया गया। नगर की हॉटमिक्स सड़कों को खोदकर सीवर लाइन बिछाई गई। इसमें बड़ा खेल किया गया। बाद में जल निगम के छह अभियंताओं के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई गई। आरोप है कि अभियंताओं ने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए दो-दो लाख के 50 से अधिक कार्य दे दिए थे। बाद में यही कार्य आठ से 10 लाख के हो गए थे। उस समय विपक्ष में रही भाजपा ने सीवर लाइन में मनमानी और सड़कों को खोदने का विरोध किया था।
पिछले 12 वर्षों से सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हुआ है। कभी धन की कमी तो कभी राजनीतिक विवाद के चलते इसमें जन प्रतिनिधियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। वर्तमान सरकार के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने नगर की मुख्य समस्या को देखते हुए इसमें दिलचस्पी दिखाई और शासन स्तर से चार करोड़ रुपये अवमुक्त कराए।
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मंत्री पंत का कहना है कि अभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा कराया जा रहा है। सड़कों के नीचे डाले गए चेंबरों का पता नहीं है। इसके चलते सड़कों को फिर से खोदकर चेंबर ढूंढे जाएंगे। यदि फिर से सड़कों को खोदा जाएगा तो आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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जिला मुख्यालय में वर्ष 2006 में सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया गया। नगर की हॉटमिक्स सड़कों को खोदकर सीवर लाइन बिछाई गई। इसमें बड़ा खेल किया गया। बाद में जल निगम के छह अभियंताओं के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई गई। आरोप है कि अभियंताओं ने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए दो-दो लाख के 50 से अधिक कार्य दे दिए थे। बाद में यही कार्य आठ से 10 लाख के हो गए थे। उस समय विपक्ष में रही भाजपा ने सीवर लाइन में मनमानी और सड़कों को खोदने का विरोध किया था।
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पिछले 12 वर्षों से सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हुआ है। कभी धन की कमी तो कभी राजनीतिक विवाद के चलते इसमें जन प्रतिनिधियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। वर्तमान सरकार के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने नगर की मुख्य समस्या को देखते हुए इसमें दिलचस्पी दिखाई और शासन स्तर से चार करोड़ रुपये अवमुक्त कराए।
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मंत्री पंत का कहना है कि अभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा कराया जा रहा है। सड़कों के नीचे डाले गए चेंबरों का पता नहीं है। इसके चलते सड़कों को फिर से खोदकर चेंबर ढूंढे जाएंगे। यदि फिर से सड़कों को खोदा जाएगा तो आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।