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नालियों से होकर गुजरती हैं अधिकतर पाइप लाइनें
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:52 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नगर को पानी की आपूर्ति करने वाली अधिकतर पाइप लाइनें नालियों और स्क्रबरों से होकर गुजरती हैं, इस कारण पानी के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है।
नगर की 15 हजार की आबादी को जल संस्थान ने 1091 पानी के कनेक्शन दे रखे हैं। अधिकतर उपभोक्ताओं के पानी की लाइनें निकास नालियों और सड़क के स्क्रबरों से होकर गुजरती हैं। इस कारण पाइपों में लीकेज होने से लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंचने की आशंका पैदा हो गई है।
सात प्राकृतिक स्रोतों से पानी को मुख्य टंकियों तक पहुंचाने के लिए सड़कों के किनारों से चार फुट गहराई में पाइपों को डाला गया है, लेकिन मुख्य टंकियों के आसपास से ही पानी के कनेक्शन लेने की होड़ के कारण नालों और स्क्रबरों से पाइप लाइनें घरों तक बिछाई गई हैं। जल संस्थान इस ओर ध्यान देता नहीं देता है।
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उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विलाल यूनुस ने बताया कि जल संस्थान रोजाना पानी के सैंपलों की जांच कर रहा है। एक माह में औसतन 80 सैंपल स्रोतों, जलाशयों, हैंडपंपों से लिए जाते हैं, जिसे प्रयोगशाला में टेस्ट किया जाता है। नगर को शुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है।
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नगर की 15 हजार की आबादी को जल संस्थान ने 1091 पानी के कनेक्शन दे रखे हैं। अधिकतर उपभोक्ताओं के पानी की लाइनें निकास नालियों और सड़क के स्क्रबरों से होकर गुजरती हैं। इस कारण पाइपों में लीकेज होने से लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंचने की आशंका पैदा हो गई है।
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सात प्राकृतिक स्रोतों से पानी को मुख्य टंकियों तक पहुंचाने के लिए सड़कों के किनारों से चार फुट गहराई में पाइपों को डाला गया है, लेकिन मुख्य टंकियों के आसपास से ही पानी के कनेक्शन लेने की होड़ के कारण नालों और स्क्रबरों से पाइप लाइनें घरों तक बिछाई गई हैं। जल संस्थान इस ओर ध्यान देता नहीं देता है।
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उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विलाल यूनुस ने बताया कि जल संस्थान रोजाना पानी के सैंपलों की जांच कर रहा है। एक माह में औसतन 80 सैंपल स्रोतों, जलाशयों, हैंडपंपों से लिए जाते हैं, जिसे प्रयोगशाला में टेस्ट किया जाता है। नगर को शुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है।