फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   महिलाओं को पारंपरिक खेती की जानकारी दी

महिलाओं को पारंपरिक खेती की जानकारी दी

Sat, 03 Feb 2018 10:36 PM IST
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
महिलाओं को पारंपरिक खेती की जानकारी दी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। पर्यटक आवासगृह में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को पारंपरिक खेती और जैविक खेती से जोड़ने की जानकारी दी गई। कहा गया कि जमीन में रसायनिकों के प्रयोग से उर्वरा शक्ति कम हो जाती है, जबकि जैविक खादों के उपयोग से लंबे समय तक जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। कहा गया कि यदि महिलाएं परंपरागत कृषि पर ध्यान दें तो इससे उनकी आमदनी भी बढ़ने लगेगी।
विज्ञापन


पारंपरिक खेती के बारे में बताया गया कि कई उत्पाद ऐसे हैं जिनको अब बोया नहीं जाता। मडुवा, मादिरा समेत अन्य प्रकार की पुरानी फसलों को फिर से बोया जाए और इनकी बाजार में मांग भी बहुत अधिक है। खेतों में रसायनिक खादों के बजाय गोबर और पत्तियों की खाद का प्रयोग किया जाए।
विज्ञापन


ओरकल संस्था के सहयोग से अर्पण संस्था ने यह प्रशिक्षण आयोजित किया। मुख्य प्रशिक्षक रितु सौगनी ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को खेती के लिए नए तरीकों का प्रयोग करना चाहिए। अर्पण संस्था की समन्वयक खीमा जेठी ने पारंपरिक खेती के उपायों पर चर्चा की। इस मौके पर विभिन्न ग्राम सभाओं की 30 महिलाओं ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed