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सेरा सिरतोला की रामलीला में हुआ लंका दहन
Updated Sat, 18 Nov 2017 10:34 PM IST
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पिथौरागढ़/मुनस्यारी। बंगापानी के सेरा सिरतोला में चल रही रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। वहीं, राम राज्याभिषेक के साथ क्वीटी की रामलीला संपन्न हो गई है।
सेरा सिरतोला की रामलीला में सीता माता की खोज में लंका गए हनुमान जब अशोक वाटिका पहुंचते हैं तो रावण सीता का धमका रहा होता है। इसके पश्चात त्रिजटा सीता को स्वप्न की बात सुनाते हुए कहती है-सपने वानर लंका जारी, जातुधान सेना सब मारी, खर आरुण नगन दसशीशा, मुंडित सिर खंडित भुज बीसा। इसके बाद पेड़ पर छुपे हनुमान जी भगवान राम की मुद्रिका सीता माता के पास गिरा देते हैं।
सीता माता अंगुठी को देखकर व्याकुल हो उठती हैं। इसको राक्षसों की कोई माया समझती हैं। इतने में हनुमान प्रकट हो जाते हैं और अपना परिचय देते हैं। सीता माता की आज्ञा लेकर हनुमान फल खा रहे होते हैं। राक्षस विरोध करते हैं तो हनुमान रावण पुत्र अक्षय कुमार समेत कई राक्षसों को मार डालते हैं। इस पर मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर रावण दरबार ले जाते हैं। जहां उनकी पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान लंका जला डालते हैं।
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वहीं, क्वीटी की रामलीला के समापन पर राम दरबार की झांकी निकाली गई। भरत मिलन, राम राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन हो गया। पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेश द्विवेदी ने रामलीला का समापन किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष खष्टी बल्लभ द्विवेदी, जगदीश द्विवेदी, तीर्थराज द्विवेदी, राजू मेहरा, जगदीश मेहता ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
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सेरा सिरतोला की रामलीला में सीता माता की खोज में लंका गए हनुमान जब अशोक वाटिका पहुंचते हैं तो रावण सीता का धमका रहा होता है। इसके पश्चात त्रिजटा सीता को स्वप्न की बात सुनाते हुए कहती है-सपने वानर लंका जारी, जातुधान सेना सब मारी, खर आरुण नगन दसशीशा, मुंडित सिर खंडित भुज बीसा। इसके बाद पेड़ पर छुपे हनुमान जी भगवान राम की मुद्रिका सीता माता के पास गिरा देते हैं।
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सीता माता अंगुठी को देखकर व्याकुल हो उठती हैं। इसको राक्षसों की कोई माया समझती हैं। इतने में हनुमान प्रकट हो जाते हैं और अपना परिचय देते हैं। सीता माता की आज्ञा लेकर हनुमान फल खा रहे होते हैं। राक्षस विरोध करते हैं तो हनुमान रावण पुत्र अक्षय कुमार समेत कई राक्षसों को मार डालते हैं। इस पर मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर रावण दरबार ले जाते हैं। जहां उनकी पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान लंका जला डालते हैं।
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वहीं, क्वीटी की रामलीला के समापन पर राम दरबार की झांकी निकाली गई। भरत मिलन, राम राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन हो गया। पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेश द्विवेदी ने रामलीला का समापन किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष खष्टी बल्लभ द्विवेदी, जगदीश द्विवेदी, तीर्थराज द्विवेदी, राजू मेहरा, जगदीश मेहता ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।