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Pithoragarh News: 10 माह से स्टेडियम में शरण लिए हैं खोतिला के 12 आपदा पीड़ित परिवार
Thu, 29 Jun 2023 10:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 29 Jun 2023 10:19 PM IST
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धारचूला स्टेडियम में शरण लिए आपदा प्रभावित परिवार। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। खोतिला गांव के 12 आपदा प्रभावित परिवार 10 माह से स्टेडियम में शरण लिए हुए हैं। इन परिवारों को कई असुविधाओं के बीच दिन गुजारने पड़ रहे हैं। तमाम परेशानियों के बीच रह रहे लोगों ने सरकार से विस्थापन करने की मांग की है।
9 सितंबर 2022 को नेपाल में बादल फटने के कारण काली नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी खोतिला गांव में घुस गया था। सभी घर जलमग्न हो गए थे। रात में ही गांव के लोगों ने सुरक्षित स्थान पर जाकर जान बचाई थी। घर के भीतर डूबने से एक महिला की मौत हो गई थी। खोतिला के साथ ही एलधारा हाट के आपदा प्रभावित लगभग 50 परिवारों ने 10 सितंबर से स्टेडियम में शरण ली थी। मुआवजा मिलने के बाद 38 परिवार अन्यत्र चले गए हैं जबकि 12 परिवार अभी भी स्टेडियम में ही शरण लिए हुए हैं।
आपदा पीड़ित नारू देवी और रुकपती देवी ने बताया कि वे लोग 10 महीने से स्टेडियम में रहे हैं। प्रशासन की ओर से रहने-खाने की उचित व्यवस्था की गई है। हालांकि कुछ दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है। राजस्व उप निरीक्षक को इसकी जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को शीघ्र उनका विस्थापन करना चाहिए। इधर राजस्व उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आपदा प्रभावित कुछ प्रभावित कुछ परिवारों के पास दूसरी जगह भी जमीन होने के कारण उन्हें मुआवजा दे दिया गया है। कुछ आपदा पीड़ितों के लिए जमीन चयनित की जा रही है।
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बेनाप भूमि में रह रहे 10 परिवारों को नहीं मिला मुआवजा
धारचूला। खोतिला गांव में 10 परिवार ऐसे थे जिनके भवन बेनाप भूमि में बने थे। इन परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है। गांव के जलमग्न होने के बाद बेघर हुए यह परिवार मुआवजे के लिए शासन प्रशासन का मुंह ताक रहे हैं। संवाद
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9 सितंबर 2022 को नेपाल में बादल फटने के कारण काली नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी खोतिला गांव में घुस गया था। सभी घर जलमग्न हो गए थे। रात में ही गांव के लोगों ने सुरक्षित स्थान पर जाकर जान बचाई थी। घर के भीतर डूबने से एक महिला की मौत हो गई थी। खोतिला के साथ ही एलधारा हाट के आपदा प्रभावित लगभग 50 परिवारों ने 10 सितंबर से स्टेडियम में शरण ली थी। मुआवजा मिलने के बाद 38 परिवार अन्यत्र चले गए हैं जबकि 12 परिवार अभी भी स्टेडियम में ही शरण लिए हुए हैं।
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आपदा पीड़ित नारू देवी और रुकपती देवी ने बताया कि वे लोग 10 महीने से स्टेडियम में रहे हैं। प्रशासन की ओर से रहने-खाने की उचित व्यवस्था की गई है। हालांकि कुछ दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है। राजस्व उप निरीक्षक को इसकी जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को शीघ्र उनका विस्थापन करना चाहिए। इधर राजस्व उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि आपदा प्रभावित कुछ प्रभावित कुछ परिवारों के पास दूसरी जगह भी जमीन होने के कारण उन्हें मुआवजा दे दिया गया है। कुछ आपदा पीड़ितों के लिए जमीन चयनित की जा रही है।
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बेनाप भूमि में रह रहे 10 परिवारों को नहीं मिला मुआवजा
धारचूला। खोतिला गांव में 10 परिवार ऐसे थे जिनके भवन बेनाप भूमि में बने थे। इन परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है। गांव के जलमग्न होने के बाद बेघर हुए यह परिवार मुआवजे के लिए शासन प्रशासन का मुंह ताक रहे हैं। संवाद

धारचूला स्टेडियम में शरण लिए आपदा प्रभावित परिवार। संवाद