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118 पदों में समेटी संपूर्ण रामचरित मानस
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 02 Feb 2017 10:22 PM IST
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118 पदों में समेटी संपूर्ण रामचरित मानस
- फोटो : अमर उजाला
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जनकवि और संस्कृति कर्मी जनार्दन उप्रेती द्वारा लिखित लघुरूप रामायण और सीडी का यहां विमोचन किया गया। लघुरूप रामायण में जनार्दन उप्रेती ने छह सर्गों और 118 पदों में सारी रामचरित मानस को समेट दिया है। मुख्य अतिथि स्वामी गुरुकुलानंद सरस्वती ने कहा कि यह एक अनूठा प्रयास है और इसका अध्ययन करने से समाज को नई दिशा मिलेगी।
एडवोकेट डीएन भट्ट और शिक्षाविद प्रमोद कुमार पांडे ने कहा कि रामचरित मानस के इन पदों में लय और गेयता को सहज भाषा में दिया गया है। हिंदी के विद्वान डा. परमानंद चौबे ने कहा कि रामचरित मानस पर दुनिया के कई विद्वानों ने अध्ययन किया है लेकिन लघुरूप रामायण अपने आप में अद्भुत कृति है।
इस पुस्तक के प्रकाशन में मानस एकेडमी की प्रबंध निदेशक कंचनलता पंत और शिक्षाविद डा. अशोक पंत ने सहयोग दिया। विमोचन के बाद दूसरे सत्र में लघुरूप रामायण की आडियो कैसेट को सुना गया। कैसेट में रियाज मलिक ने स्वर दिया है। रचनाकार जनार्दन उप्रेती ने पुस्तक प्रकाशन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस काम के लिए कई लोगों ने प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन चिंतामणि जोशी ने किया।
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एडवोकेट डीएन भट्ट और शिक्षाविद प्रमोद कुमार पांडे ने कहा कि रामचरित मानस के इन पदों में लय और गेयता को सहज भाषा में दिया गया है। हिंदी के विद्वान डा. परमानंद चौबे ने कहा कि रामचरित मानस पर दुनिया के कई विद्वानों ने अध्ययन किया है लेकिन लघुरूप रामायण अपने आप में अद्भुत कृति है।
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इस पुस्तक के प्रकाशन में मानस एकेडमी की प्रबंध निदेशक कंचनलता पंत और शिक्षाविद डा. अशोक पंत ने सहयोग दिया। विमोचन के बाद दूसरे सत्र में लघुरूप रामायण की आडियो कैसेट को सुना गया। कैसेट में रियाज मलिक ने स्वर दिया है। रचनाकार जनार्दन उप्रेती ने पुस्तक प्रकाशन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस काम के लिए कई लोगों ने प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन चिंतामणि जोशी ने किया।
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