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राहत और पुनर्निर्माण का काम रहा जारी
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:16 PM IST
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पिथौरागढ़। शुक्रवार को भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण का काम जारी रहा। लापता व्यक्तियों की खोजबीन की गई। एसडीआरएफ, पुलिस की टीम ने पांगला, गस्कू, बरसीघाट महाकाली नदी के किनारे खोजबीन का कार्य किया गया। नजंग में फंसे तीन लोगों को निकालने के प्रयास विफल रहे।
सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शुक्रवार को 16 स्थानों में 77 परिवारों के 301 सदस्यों को प्राथमिक विद्यालय चौना, मालूपाती, कनलका, नमजला, पापड़ी, जोशा, बजानीधूरा, मिनालगांव, राथी आश्रम, सेबिला, उमरगड़ा, बैंगा, गैला, हिमखोला रखा गया है, जिन्हें भोजन आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रभावित क्षेत्रा के अंतर्गत प्रशासन द्वारा प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।
शुक्रवार तक 15 लाख, 33 हजार रुपये की धनराशि प्रभावितों को वितरित की जा चुकी है। शुक्रवार को मौसम अनुकूल होने के कारण अपराह्न बाद हेलीसेवा सुचारु हो पायी। शुक्रवार को 8 चक्कर में धारचूला से 10 यात्री बूंदी गए और 20 यात्री बूंदी से धारचूला लाए गए। हेलीकॉप्टर से 4 क्विंटल राशन बूंदी भेजा गया है। इसके अतिरिक्त चिकित्सा विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में 13 जुलाई तक 28 चिकित्सा कैंप आयोजित कर 1116 लोगों का निशुल्क उपचार कर दवा वितरित की।
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फल्यांटी में दरकी सड़क
पिथौरागढ़/नाचनी। शुक्रवार थल-मुनस्यारी मार्ग के फल्यांटी में करीब 30 मीटर सड़क दरक गई, जिससे कई घंटे यातायात बाधित रहा। फल्यांटी में रात से सड़क बंद थी। सुबह 9 सड़क खुली, अपराह्न 4 बजे सड़क फिर बंद हो गई। सड़क क्षतिग्रस्त होने से बागेश्वर के चेट्टाबगड़ को जाने वाली सड़क के पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। जिले में शुक्रवार को 31 सड़कें बंद थीं, जिसमें से 8 सड़कों में शाम तक यातायात बहाल हो गया था। रातीगाड़ और रातापानी में भी सड़क बंद थी। दोपहर एक बजे यातायात बहाल हुआ लेकिन अपराह्न 3.15 बजे सड़क फिर बंद हो गई।
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सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शुक्रवार को 16 स्थानों में 77 परिवारों के 301 सदस्यों को प्राथमिक विद्यालय चौना, मालूपाती, कनलका, नमजला, पापड़ी, जोशा, बजानीधूरा, मिनालगांव, राथी आश्रम, सेबिला, उमरगड़ा, बैंगा, गैला, हिमखोला रखा गया है, जिन्हें भोजन आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रभावित क्षेत्रा के अंतर्गत प्रशासन द्वारा प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।
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शुक्रवार तक 15 लाख, 33 हजार रुपये की धनराशि प्रभावितों को वितरित की जा चुकी है। शुक्रवार को मौसम अनुकूल होने के कारण अपराह्न बाद हेलीसेवा सुचारु हो पायी। शुक्रवार को 8 चक्कर में धारचूला से 10 यात्री बूंदी गए और 20 यात्री बूंदी से धारचूला लाए गए। हेलीकॉप्टर से 4 क्विंटल राशन बूंदी भेजा गया है। इसके अतिरिक्त चिकित्सा विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में 13 जुलाई तक 28 चिकित्सा कैंप आयोजित कर 1116 लोगों का निशुल्क उपचार कर दवा वितरित की।
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फल्यांटी में दरकी सड़क
पिथौरागढ़/नाचनी। शुक्रवार थल-मुनस्यारी मार्ग के फल्यांटी में करीब 30 मीटर सड़क दरक गई, जिससे कई घंटे यातायात बाधित रहा। फल्यांटी में रात से सड़क बंद थी। सुबह 9 सड़क खुली, अपराह्न 4 बजे सड़क फिर बंद हो गई। सड़क क्षतिग्रस्त होने से बागेश्वर के चेट्टाबगड़ को जाने वाली सड़क के पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। जिले में शुक्रवार को 31 सड़कें बंद थीं, जिसमें से 8 सड़कों में शाम तक यातायात बहाल हो गया था। रातीगाड़ और रातापानी में भी सड़क बंद थी। दोपहर एक बजे यातायात बहाल हुआ लेकिन अपराह्न 3.15 बजे सड़क फिर बंद हो गई।