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इस साल 13 नई योजनाओं से मिलेगा पानी
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़। जल निगम के पिथौरागढ़ डिवीजन में इस साल 13 नई योजनाओं से पानी मिलने लगेगा। निगम ने इन योजनाओं का काम पूरा कर लिया है। अब इनके ट्रायल का काम शुरू हो गया है। जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
जिले के सर्वाधिक समस्याग्रस्त क्षेत्रों में मूनाकोट, विण, कनालीछीना शामिल हैं। इन विकासखंडों में 46 बड़ी मानव बस्तियां पेयजल की समस्या का सामना कर रही हैं। लोग कई किमी दूर नौलों और धारों से प्यास बुझा रहे हैं। गर्मियों में जल संस्थान के टैंकरों पर भी निर्भरता बढ़ जाती है।
इन क्षेत्रों में मई-जून में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है। इसे देखते हुए जिला एवं राज्य योजना में स्वैप मोड के तहत प्रभावित क्षेत्रों के लिए 46 नई पेयजल योजनाओं पर काम शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था जल निगम ने इनमें से 13 योजनाओं का काम पूरा कर लिया है।
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नवनिर्मित पेयजल योजनाएं
बांस मतौली, कुच्चा, मेल डुंगरी, हुडेती, नैनी-कुसौली, बजेठी, पौंण, बसौड़, भौड़ी, दिगरा-पंथ्यूड़ी, दिगरा मुवानी, तड़ीगांव मुवानी, मसोली-खड़किनी।
आंवलाघाट से पिथौरागढ़ को मिलेगी निजात
इस बार की गर्मियों में सोर घाटी को आंवलाघाट योजना से पानी मिलने लगेगा। जल निगम योजना के ट्रायल में जुटा है। बता दें कि पिथौरागढ़ को रोजाना 12 एमएलडी पानी की दरकार है, जबकि पेयजल योजनाओं से छह एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। इस वर्ष जल निगम में लगभग 76 करोड़ की लागत से इस योजना का काम पूरा कर लिया है। ट्रायल अंतिम चरण में है।
13 नई योजनाओं पर काम पूरा हो गया है। इनका ट्रायल लिया जा रहा है। गर्मियों में आपूर्ति शुरू हो जाएगी। शेष योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। -आरएस धर्मशक्तू, ईई, जल निगम
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जिले के सर्वाधिक समस्याग्रस्त क्षेत्रों में मूनाकोट, विण, कनालीछीना शामिल हैं। इन विकासखंडों में 46 बड़ी मानव बस्तियां पेयजल की समस्या का सामना कर रही हैं। लोग कई किमी दूर नौलों और धारों से प्यास बुझा रहे हैं। गर्मियों में जल संस्थान के टैंकरों पर भी निर्भरता बढ़ जाती है।
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इन क्षेत्रों में मई-जून में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है। इसे देखते हुए जिला एवं राज्य योजना में स्वैप मोड के तहत प्रभावित क्षेत्रों के लिए 46 नई पेयजल योजनाओं पर काम शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था जल निगम ने इनमें से 13 योजनाओं का काम पूरा कर लिया है।
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नवनिर्मित पेयजल योजनाएं
बांस मतौली, कुच्चा, मेल डुंगरी, हुडेती, नैनी-कुसौली, बजेठी, पौंण, बसौड़, भौड़ी, दिगरा-पंथ्यूड़ी, दिगरा मुवानी, तड़ीगांव मुवानी, मसोली-खड़किनी।
आंवलाघाट से पिथौरागढ़ को मिलेगी निजात
इस बार की गर्मियों में सोर घाटी को आंवलाघाट योजना से पानी मिलने लगेगा। जल निगम योजना के ट्रायल में जुटा है। बता दें कि पिथौरागढ़ को रोजाना 12 एमएलडी पानी की दरकार है, जबकि पेयजल योजनाओं से छह एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। इस वर्ष जल निगम में लगभग 76 करोड़ की लागत से इस योजना का काम पूरा कर लिया है। ट्रायल अंतिम चरण में है।
13 नई योजनाओं पर काम पूरा हो गया है। इनका ट्रायल लिया जा रहा है। गर्मियों में आपूर्ति शुरू हो जाएगी। शेष योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। -आरएस धर्मशक्तू, ईई, जल निगम