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बोरागांव का जंगल देवी को अर्पित किया
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:57 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। लगातार हो रहे अवैध कटान से परेशान बोरागांव के लोगों ने अपना 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला पंचायती जंगल दूनाकोट स्थित कालिका देवी को अर्पित कर दिया है। जंगल को देवी को अर्पित करने के बाद अगले पांच साल तक इस जंगल में किसी प्रकार के कटान और चुगान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। लोगों का कहना है कि अब जो व्यक्ति जंगल से कटान का प्रयास करेगा, उसे देवी दंडित करेगी। इस क्षेत्र में पहले भी कई जंगल सुरक्षा के लिए देवी को अर्पित किए गए हैं।
बोरागांव के सरपंच नरेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि बोरागांव का जंगल 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। जंगल में आए दिन अराजक तत्वों द्वारा पेड़ काटे जा रहे हैं। साथ ही चारे की तलाश के नाम पर जंगल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस पर रोक के लिए पहले जितने भी प्रयास किए गए, उनमें सफलता नहीं मिली। गांव के लोगों की बैठक में तय किया कि जंगल को रक्षा के लिए इसे देवी को अर्पित कर दिया जाए। आपसी सहमति से यह तय हुआ कि अब इस जंगल की अगले पांच साल तक देवी ही रक्षा करेगी।
लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर में जाकर जंगल अर्पित करने संबंधी पत्र मंदिर में चढ़ा दिया है। जंगल के चारों ओर मंदिर से लाई गई ध्वजाएं लगा दी गई हैं। साथ ही एक बोर्ड लगाकर आम जनता को यह जानकारी दी गई है कि अब जंगल देवी को अर्पित हो चुका है। इस मौके पर गांव के नंदन सिंह मेहता, भगत कुमार, विशन राम, गंभीर सिह, महेश सिंह आदि मौजूद थे।
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बोरागांव के सरपंच नरेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि बोरागांव का जंगल 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। जंगल में आए दिन अराजक तत्वों द्वारा पेड़ काटे जा रहे हैं। साथ ही चारे की तलाश के नाम पर जंगल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस पर रोक के लिए पहले जितने भी प्रयास किए गए, उनमें सफलता नहीं मिली। गांव के लोगों की बैठक में तय किया कि जंगल को रक्षा के लिए इसे देवी को अर्पित कर दिया जाए। आपसी सहमति से यह तय हुआ कि अब इस जंगल की अगले पांच साल तक देवी ही रक्षा करेगी।
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लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर में जाकर जंगल अर्पित करने संबंधी पत्र मंदिर में चढ़ा दिया है। जंगल के चारों ओर मंदिर से लाई गई ध्वजाएं लगा दी गई हैं। साथ ही एक बोर्ड लगाकर आम जनता को यह जानकारी दी गई है कि अब जंगल देवी को अर्पित हो चुका है। इस मौके पर गांव के नंदन सिंह मेहता, भगत कुमार, विशन राम, गंभीर सिह, महेश सिंह आदि मौजूद थे।
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