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सहस्रचंडी महायज्ञ में बह रही भक्ति की धारा
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़/थल। पांखू के कोटगाड़ी भगवती मंदिर में चल रहे सहस्रचंडी महायज्ञ के दौरान भक्ति की धारा बह रही है। सहस्रचंडी का पाठ करने के लिए कई पंडितों को बुलाया गया है। पाठ पूरा होने पर रोज यज्ञ किया जा रहा है। दूर-दूर से लोग महायज्ञ में शामिल हो रहे हैं।
देवी भगवती को प्रसन्न करने और क्षेत्र में खुशहाली लाने के लिए पहली बार आयोजित किए जा रहे सहस्रचंडी महायज्ञ को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। आयोजकों ने बताया कि दस फरवरी को सहस्रचंडी के पाठ पूरे हो जाएंगे। उस दिन पूर्णाहुति और भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन होगा। पांखू, पुंगराऊ घाटी के लोगों ने इस बार करीब छह महीने पहले से सहस्रचंडी आयोजन की तैयारी कर दी थी।
इसके लिए पूरे इलाके में संपर्क किया गया और भक्तों को आमंत्रण भेजा गया। शाम के समय आरती के बाद कीर्तन शुरू हो जाते हैं। कोटगाड़ी के भगवती मंदिर की पूरे इलाके में ख्याति है। लोग न्याय के लिए मंदिर में पुकार लगाते हैं। इस क्षेत्र के कई जंगलों को रक्षा के लिए देवी को अर्पित किया गया है।
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देवी भगवती को प्रसन्न करने और क्षेत्र में खुशहाली लाने के लिए पहली बार आयोजित किए जा रहे सहस्रचंडी महायज्ञ को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। आयोजकों ने बताया कि दस फरवरी को सहस्रचंडी के पाठ पूरे हो जाएंगे। उस दिन पूर्णाहुति और भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन होगा। पांखू, पुंगराऊ घाटी के लोगों ने इस बार करीब छह महीने पहले से सहस्रचंडी आयोजन की तैयारी कर दी थी।
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इसके लिए पूरे इलाके में संपर्क किया गया और भक्तों को आमंत्रण भेजा गया। शाम के समय आरती के बाद कीर्तन शुरू हो जाते हैं। कोटगाड़ी के भगवती मंदिर की पूरे इलाके में ख्याति है। लोग न्याय के लिए मंदिर में पुकार लगाते हैं। इस क्षेत्र के कई जंगलों को रक्षा के लिए देवी को अर्पित किया गया है।
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