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भाजपा ने सीट बचाई और विधायक चुफाल ने साख
Updated Tue, 20 Nov 2018 11:09 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़) एक बार फिर क्षेत्र में विधायक विशन सिंह चुफाल का सियासी अनुभव और चुनाव प्रबंधन भाजपा के काम आया। चुनाव परिणाम के हिसाब से मलिन बस्तियों में काम, नजूल भूमि पर मालिकाना हक से लेकर डीडीहाट को जिला बनाने के वादे पर मतदाताओं का विश्वास जीतकर भाजपा ने चुनावी वैतरणी पार की। यहां कांग्रेस का दूर तक पता नहीं लगा।
नगरपालिका चुनाव में क्षेत्र में सारे समीकरण भाजपा उम्मीदवार कमला चुफाल के खिलाफ ही माने जा रहे थे। डीडीहाट को जिला बनाने की मांग पूरी न होने से लोग खासे नाराज थे। इसी तरह क्षेत्र में नजूल भूमि का मसला भी उठ खड़ा हुआ था। ऐसे में क्षेत्र में सत्ता विरोधी लहर का असर भी माना जा रहा था। मतदान से एक दिन पहले तक भाजपा पर यह चुनाव भारी पड़ने की चर्चा आम थी। ऐसे समय में स्थानीय विधायक विशन सिंह चुफाल सक्रिय हुए थे।
चुनाव प्रबंधन के तहत भाजपा विधायक और संगठन ने डीडीहाट जिले का गठन का दावा किया। नजूल भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की बात भी भाजपा ने ही की। मलिन बस्तियों के विकास कार्य कराने का दावा भी भाजपा ने खुलकर किया। इसी का नतीजा रहा कि मलिन बस्तियों के वार्ड जीआईसी, पोस्टआफिस और सुभाष वार्ड में भाजपा अन्य प्रत्याशियों से आगे रहीं।
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कमला की निकटतम प्रतिद्वंद्वी रही निर्दलीय उम्मीदवार धाना देवी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री प्रह्लाद चुफाल की पत्नी हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह भंडारी उनके पक्ष में खासे सक्रिय थे। भंडारी की सक्रियता को देखते हुए यह चुनाव विधायक की प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गया था। इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी दोनों आमने सामने आए थे।
चुनाव परिणाम से साफ हुआ कि कमला चुफाल 91 मतों से निकटतम प्रतिद्वंद्वी धाना देवी पर भारी पड़ गईं। कमला को 1048 और धाना देवी को 957 मत मिले। इस चुनाव में कांग्रेस कहीं भी नहीं टिकी। कांग्रेस प्रत्याशी हेमंती भंडारी को 226 मतों पर संतोष करना पड़ा। पूर्व में कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष रही पुष्पा देउपा पर मात्र 67 मतदाताओं ने ही भरोसा जताया।
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नगरपालिका चुनाव में क्षेत्र में सारे समीकरण भाजपा उम्मीदवार कमला चुफाल के खिलाफ ही माने जा रहे थे। डीडीहाट को जिला बनाने की मांग पूरी न होने से लोग खासे नाराज थे। इसी तरह क्षेत्र में नजूल भूमि का मसला भी उठ खड़ा हुआ था। ऐसे में क्षेत्र में सत्ता विरोधी लहर का असर भी माना जा रहा था। मतदान से एक दिन पहले तक भाजपा पर यह चुनाव भारी पड़ने की चर्चा आम थी। ऐसे समय में स्थानीय विधायक विशन सिंह चुफाल सक्रिय हुए थे।
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चुनाव प्रबंधन के तहत भाजपा विधायक और संगठन ने डीडीहाट जिले का गठन का दावा किया। नजूल भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की बात भी भाजपा ने ही की। मलिन बस्तियों के विकास कार्य कराने का दावा भी भाजपा ने खुलकर किया। इसी का नतीजा रहा कि मलिन बस्तियों के वार्ड जीआईसी, पोस्टआफिस और सुभाष वार्ड में भाजपा अन्य प्रत्याशियों से आगे रहीं।
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कमला की निकटतम प्रतिद्वंद्वी रही निर्दलीय उम्मीदवार धाना देवी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री प्रह्लाद चुफाल की पत्नी हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह भंडारी उनके पक्ष में खासे सक्रिय थे। भंडारी की सक्रियता को देखते हुए यह चुनाव विधायक की प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गया था। इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी दोनों आमने सामने आए थे।
चुनाव परिणाम से साफ हुआ कि कमला चुफाल 91 मतों से निकटतम प्रतिद्वंद्वी धाना देवी पर भारी पड़ गईं। कमला को 1048 और धाना देवी को 957 मत मिले। इस चुनाव में कांग्रेस कहीं भी नहीं टिकी। कांग्रेस प्रत्याशी हेमंती भंडारी को 226 मतों पर संतोष करना पड़ा। पूर्व में कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष रही पुष्पा देउपा पर मात्र 67 मतदाताओं ने ही भरोसा जताया।