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सड़क निर्माण के लिए महारैली निकालकर भरी हुंकार,
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:04 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। मणकनाली से पाभें तक स्वीकृत सड़क का निर्माण न होने के विरोध में पिछले 13 दिनों से आंदोलन चला रहे कई गांवों के लोगों ने बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर सरकार और पीएमजीएसवाई डिवीजन के खिलाफ नारेबाजी की। महारैली में करीब 800 लोगों ने शिरकत की।
जाखनी, भामा, पाभें, पनकट्या, पोखरी, डोडरी, सुरखाल, चौड़धुरौली के लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत तहसील मुख्यालय में महारैली निकाली।
बच्चे, बूढ़े, महिलाएं 11 किमी पैदल चलकर गंगोलीहाट पहुंचे। सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। नगर में घूमता हुआ जुलूस तहसील कार्यालय पहुंचा। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पूरन राम टम्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि 7.2 किमी सड़क का वर्ष 2013 में शासनादेश हो गया था। वर्ष 2016 में सड़क के लिए टेंडर लगाए गए। पीएमजीएसवाई डिवीजन के अधिकारी वन भूमि निस्तारण न होने की बात करते हैं, वन विभाग किसी प्रकार की आपत्ति न होने की बात करता है।
इलाके के 2000 परिवार सड़क से वंचित हैं। इलाके से लगातार पलायन हो रहा है। समय पर इलाज न मिलने से लोगों की असमय मौत हो जाती है। गर्भवती महिलाओं को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान भी प्रभावित हो रहा है। बालिकाओं को स्कूल जाने के लिए रोज 8 से 9 किमी पैदल चलना पड़ता है। जंगली जानवर और असामाजिक तत्वों का हमेशा भय लगा रहता है। कहा है कि इलाके वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं, उसके बाद भी सरकार नहीं चेती। बृहस्पतिवार को भगवान सिंह, राजेंद्र सिंह, गणेश सिंह, कल्याण सिंह, राजेंद्र सिंह जरमाल क्रमिक अनशन में बैठे।
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जाखनी, भामा, पाभें, पनकट्या, पोखरी, डोडरी, सुरखाल, चौड़धुरौली के लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत तहसील मुख्यालय में महारैली निकाली।
बच्चे, बूढ़े, महिलाएं 11 किमी पैदल चलकर गंगोलीहाट पहुंचे। सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। नगर में घूमता हुआ जुलूस तहसील कार्यालय पहुंचा। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पूरन राम टम्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि 7.2 किमी सड़क का वर्ष 2013 में शासनादेश हो गया था। वर्ष 2016 में सड़क के लिए टेंडर लगाए गए। पीएमजीएसवाई डिवीजन के अधिकारी वन भूमि निस्तारण न होने की बात करते हैं, वन विभाग किसी प्रकार की आपत्ति न होने की बात करता है।
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इलाके के 2000 परिवार सड़क से वंचित हैं। इलाके से लगातार पलायन हो रहा है। समय पर इलाज न मिलने से लोगों की असमय मौत हो जाती है। गर्भवती महिलाओं को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान भी प्रभावित हो रहा है। बालिकाओं को स्कूल जाने के लिए रोज 8 से 9 किमी पैदल चलना पड़ता है। जंगली जानवर और असामाजिक तत्वों का हमेशा भय लगा रहता है। कहा है कि इलाके वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं, उसके बाद भी सरकार नहीं चेती। बृहस्पतिवार को भगवान सिंह, राजेंद्र सिंह, गणेश सिंह, कल्याण सिंह, राजेंद्र सिंह जरमाल क्रमिक अनशन में बैठे।
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