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नौले, धारे बचाने के लिए किया प्रेरित
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में जल संरक्षण अभियान चला रहे डॉ. पीतांबर अवस्थी ने ग्राम पंचायत छाना (चंडाक) में गोष्ठी कर लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि समय पर नौले, धारे नहीं बचाए गए तो आने वाले समय में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। कहा कि जल संख्या बढ़ोतरी के कारण पहाड़ में हैंडपंप लगाने पड़ रहे हैं। हैंडपंपों से अनियोजित तरीके से जल का दोहन हो रहा है। इससे भूमिगत जल पर असर पड़ना तय है।
कहा कि वर्तमान में लोग स्थानीय जल स्रोतों की अनदेखी कर रहे हैं। भविष्य में यह परेशानी का कारण बनेगा। इसलिए जल स्रोतों के संरक्षण के लिए अभी से अभियान चलाना होगा। जल स्रोतों के पास चौड़ी पत्ती के पौधे लगाने होंगे। नौले के जीर्णोद्धार में सीमेंट के प्रयोग से बचना होगा। डॉ. अवस्थी ने जल संरक्षण में मददगार पुस्तक लोगों को प्रदान की। कार्यक्रम में तुलसी प्रसाद पांडेय, गंगा राम, तरुण पाठक, भूपेंद्र राम, बबलू राम, अशोक राम, प्रेम राम, प्रकाश जोशी, उमेश जोशी, हेमा ओझा, कविता ओझा मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि समय पर नौले, धारे नहीं बचाए गए तो आने वाले समय में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। कहा कि जल संख्या बढ़ोतरी के कारण पहाड़ में हैंडपंप लगाने पड़ रहे हैं। हैंडपंपों से अनियोजित तरीके से जल का दोहन हो रहा है। इससे भूमिगत जल पर असर पड़ना तय है।
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कहा कि वर्तमान में लोग स्थानीय जल स्रोतों की अनदेखी कर रहे हैं। भविष्य में यह परेशानी का कारण बनेगा। इसलिए जल स्रोतों के संरक्षण के लिए अभी से अभियान चलाना होगा। जल स्रोतों के पास चौड़ी पत्ती के पौधे लगाने होंगे। नौले के जीर्णोद्धार में सीमेंट के प्रयोग से बचना होगा। डॉ. अवस्थी ने जल संरक्षण में मददगार पुस्तक लोगों को प्रदान की। कार्यक्रम में तुलसी प्रसाद पांडेय, गंगा राम, तरुण पाठक, भूपेंद्र राम, बबलू राम, अशोक राम, प्रेम राम, प्रकाश जोशी, उमेश जोशी, हेमा ओझा, कविता ओझा मौजूद थे।
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