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जल दिवस पर रामगंगा तट की सफाई
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नाचनी (पिथौरागढ़)। विश्व जल दिवस के अवसर पर राइंका तेजम में स्वच्छ जल और उसके संरक्षण के उपाय विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। बाद में स्काउट गाइड और ग्रामीणों ने रामगंगा तट पर सफाई अभियान चलाया।
प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2019 के जल दिवस के लिए विषय किसी को नहीं छोड़ना रखा गया है। सभी को साथ मिलकर जल संरक्षण और पीने के पानी के महत्व को समझाते हुए उसे बचाने के उपाय करने होंगे। कहा कि आज पूरी दुनिया पानी के संकट से गुजर रही है।
वर्ष 1993 में पहली बार जल दिवस मनाया गया। प्रवक्ता भगत सिंह मेहता ने कहा कि वृक्ष और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों के प्रति स्नेह और उनके संरक्षण की जानकारी देना ही जल दिवस का उद्देश्य है। महिमन सिंह ने कहा कि अब प्राकृतिक संसाधनों से स्वच्छ और हानिकारक कीटाणु रहित जल मिलना असंभव होता जा रहा है।
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अन्य वक्ताओं ने भी जल संरक्षण के उपाय और शुद्ध जल के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर पौध रोपण भी किया गया। कुमकुम, गीता, भावना, आदित्य, गोविंद, उमेश ने रामगंगा तट की सफाई में विशेष सहयोग किया।
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प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2019 के जल दिवस के लिए विषय किसी को नहीं छोड़ना रखा गया है। सभी को साथ मिलकर जल संरक्षण और पीने के पानी के महत्व को समझाते हुए उसे बचाने के उपाय करने होंगे। कहा कि आज पूरी दुनिया पानी के संकट से गुजर रही है।
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वर्ष 1993 में पहली बार जल दिवस मनाया गया। प्रवक्ता भगत सिंह मेहता ने कहा कि वृक्ष और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों के प्रति स्नेह और उनके संरक्षण की जानकारी देना ही जल दिवस का उद्देश्य है। महिमन सिंह ने कहा कि अब प्राकृतिक संसाधनों से स्वच्छ और हानिकारक कीटाणु रहित जल मिलना असंभव होता जा रहा है।
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अन्य वक्ताओं ने भी जल संरक्षण के उपाय और शुद्ध जल के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर पौध रोपण भी किया गया। कुमकुम, गीता, भावना, आदित्य, गोविंद, उमेश ने रामगंगा तट की सफाई में विशेष सहयोग किया।