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पंग्पाबे वैली से चट्टानों को हटाकर मार्ग बनाया
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:05 PM IST
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पिथौरागढ़। दारमा घाटी के पंग्पाबे पर चट्टानों को हटाकर फिलहाल आवागमन के लिए सड़क खोल दी गई है। इससे दारमा घाटी में आवागमन करने वालों को काफी राहत मिली है। पिछले 40 दिनों से सड़क बंद होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पहाड़ी के बीच से आवागमन कर रहे थे।
दारमा घाटी में आवागमन को सुचारु करने के लिए न्यू सोबला-सेला-तिदांग सड़क बन रही है। इस सड़क का जिम्मा सीपीडब्ल्यूूडी के पास है। अन्य स्थानों पर तो सड़क काटने में खास दिक्कत नहीं है, लेकिन पंग्पाबे घाटी में पहाड़ी से चट्टानें लगातार दरकने से मार्ग बनाना बेहद कठिन हो गया। बार-बार मलबा हटाने के बावजूद भूस्खलन होने से नई मुसीबत खड़ी हो रही थी। प्रशासन की ओर से भी सड़क खोलने के सख्त निर्देश दिए गए थे। सीपीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसके हांडा ने बताया कि पिछले 40 दिनों से लगातार मार्ग की सफाई की जा रही थी।
बताया कि फिलहाल वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता बना दिया गया है। आवागमन सुचारु होने से ऊपरी क्षेत्र में फंसे करीब आधा दर्जन वाहन चालकों को भी राहत मिली है। दारमा घाटी के चल, सेला, फिलम, दुग्तु, दांतू, बालिंग, सौन, बौन, ढाकर, तिदांग, सिपू, मार्छा आदि गांवों में इस समय 400 के करीब लोग है। रास्ता खुलने से अब ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत नहीं होगी।
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दारमा घाटी में आवागमन को सुचारु करने के लिए न्यू सोबला-सेला-तिदांग सड़क बन रही है। इस सड़क का जिम्मा सीपीडब्ल्यूूडी के पास है। अन्य स्थानों पर तो सड़क काटने में खास दिक्कत नहीं है, लेकिन पंग्पाबे घाटी में पहाड़ी से चट्टानें लगातार दरकने से मार्ग बनाना बेहद कठिन हो गया। बार-बार मलबा हटाने के बावजूद भूस्खलन होने से नई मुसीबत खड़ी हो रही थी। प्रशासन की ओर से भी सड़क खोलने के सख्त निर्देश दिए गए थे। सीपीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसके हांडा ने बताया कि पिछले 40 दिनों से लगातार मार्ग की सफाई की जा रही थी।
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बताया कि फिलहाल वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता बना दिया गया है। आवागमन सुचारु होने से ऊपरी क्षेत्र में फंसे करीब आधा दर्जन वाहन चालकों को भी राहत मिली है। दारमा घाटी के चल, सेला, फिलम, दुग्तु, दांतू, बालिंग, सौन, बौन, ढाकर, तिदांग, सिपू, मार्छा आदि गांवों में इस समय 400 के करीब लोग है। रास्ता खुलने से अब ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत नहीं होगी।
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