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उपनल, संविदा कर्मियों ने धरना दिया
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:56 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। ठेकेदारी प्रथा के अधीन करने की सुगबुगाहट से नाराज बिजली विभाग के संविदा और उपनल कर्मियों ने सोमवार को धारचूला में धरना दिया। आंदोलन को विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया।
पावर निगम के हाट स्थित स्टेशन मुख्यालय में धरना देते हुए कर्मियों ने कहा कि सरकार और विभाग संविदा, उपनल कर्मियों को ठेकेदारों के अधीन करने की तैयारी कर रही है, इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उत्तराखंड संविदा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे ने बताया कि संविदा कर्मी नाममात्र के वेतन पर कार्य कर रहे हैं।
ऐसे में यदि संविदा कर्मियों को ठेकेदारों के अधीन किया गया तो ठेकेदार कमीशन काटकर वेतन देंगे, जिससे श्रमिकों की कार्य क्षमता प्रभावित होगी। इस निर्णय से अकेले धारचूला मुनस्यारी, डीडीहाट के 75 श्रमिकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। धरना देने वालों में संगठन के उपाध्यक्ष देवेंद्र कन्याल, महासचिव कैलाश उपाध्याय, कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवाड़ी, महिमन बड, प्रचार मंत्री कौस्तुभानंद पाटनी, बलवंत सिंह, कुशल सिंह, दलीप सिंह आदि थे।
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पावर निगम के हाट स्थित स्टेशन मुख्यालय में धरना देते हुए कर्मियों ने कहा कि सरकार और विभाग संविदा, उपनल कर्मियों को ठेकेदारों के अधीन करने की तैयारी कर रही है, इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उत्तराखंड संविदा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे ने बताया कि संविदा कर्मी नाममात्र के वेतन पर कार्य कर रहे हैं।
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ऐसे में यदि संविदा कर्मियों को ठेकेदारों के अधीन किया गया तो ठेकेदार कमीशन काटकर वेतन देंगे, जिससे श्रमिकों की कार्य क्षमता प्रभावित होगी। इस निर्णय से अकेले धारचूला मुनस्यारी, डीडीहाट के 75 श्रमिकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। धरना देने वालों में संगठन के उपाध्यक्ष देवेंद्र कन्याल, महासचिव कैलाश उपाध्याय, कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवाड़ी, महिमन बड, प्रचार मंत्री कौस्तुभानंद पाटनी, बलवंत सिंह, कुशल सिंह, दलीप सिंह आदि थे।
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