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सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:28 PM IST
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पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत इस जिले में भी सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। अब तक जिले के विभिन्न स्थानों पर 150 किसानों को इस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। अब गंगोलीहाट और बेड़ीनाग विकासखंड में 60 किसानों को जोड़ने की तैयारी चल रही है। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली में पानी की बिल्कुल भी बर्बादी नहीं होती और पानी की हर बूंद पौधे की जड़ में डाली जाती है। इसके लिए एक विशेष तरह का पाइप लगाया जाता है।
विकास भवन में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को लेकर हुई कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के वैज्ञानिक डॉ. पीके सिंह और बागवानी मिशन बोर्ड के अरुण पांडे ने सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के बारे में जानकारी दी। कहा कि खेत के पास पानी की टंकी बनाई जाए और टंकी से पाइप को जोड़कर हर पौधे की जड़ में पानी की बूंदों को पहुंचाया जाए।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केसी पंत ने बताया कि जिले के नाचनी, धारचूला, गंगोलीहाट, गुरना, डीडीहाट, अस्कोट में कई किसान सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को अपना चुके हैं। कार्यशाला में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने कहा कि इस प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए। कार्यशाला में जिले के आठ विकासखंडों के 60 किसान मौजूद थे। किसानों ने भी कार्यशाला में अपनी समस्याएं रखी और उनको दूर करने की मांग की।
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विकास भवन में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को लेकर हुई कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के वैज्ञानिक डॉ. पीके सिंह और बागवानी मिशन बोर्ड के अरुण पांडे ने सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के बारे में जानकारी दी। कहा कि खेत के पास पानी की टंकी बनाई जाए और टंकी से पाइप को जोड़कर हर पौधे की जड़ में पानी की बूंदों को पहुंचाया जाए।
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जिला उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केसी पंत ने बताया कि जिले के नाचनी, धारचूला, गंगोलीहाट, गुरना, डीडीहाट, अस्कोट में कई किसान सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को अपना चुके हैं। कार्यशाला में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने कहा कि इस प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए। कार्यशाला में जिले के आठ विकासखंडों के 60 किसान मौजूद थे। किसानों ने भी कार्यशाला में अपनी समस्याएं रखी और उनको दूर करने की मांग की।
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