{"_id":"599722454f1c1b2a5f8b49ce","slug":"101503076933-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैलाश यात्रियों का 17वां दल डीडीहाट में रुका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैलाश यात्रियों का 17वां दल डीडीहाट में रुका
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे 17वें दल के 40 यात्री शुक्रवार को डीडीहाट में ही रुक गए हैं, क्योंकि 16वें दल के कई यात्री अभी आधार शिविर धारचूला में हैं। उनको हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुंचाया जा रहा है। आधार शिविर में यात्रियों की भीड़ ज्यादा न हो इसे देखते हुए 17वें दल को डीडीहाट में ही रोका गया है। शनिवार को यात्री आधार शिविर धारचूला जाएंगे। वहां से उनको हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुंचाया जाएगा। थल-डीडीहाट सड़क बंद होने के कारण यात्रियों को अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ होते हुए डीडीहाट लाया गया। इससे पहले यात्रियों का आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में स्वागत किया गया।
यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी अमित गोयल ने बताया कि दल के सभी 40 यात्री कैलाश दर्शन को लेकर काफी उत्साहित हैं। दल के सबसे कम उम्र की यात्री 23 साल की गुजरात निवासी एकता संभया और सबसे बुजुर्ग यात्री 69 साल के महाराष्ट्र निवासी राम प्रसाद भंडारी ने कहा कि कैलाश पर्वत के दर्शन, मानसरोवर की परिक्रमा से आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। आईटीबीपी वाहिनी मुख्यालय में द्वितीय कमान अधिकारी रतन सोनाल के नेतृत्व में दल का स्वागत किया गया। छलिया टीम के साथ यात्रियों ने जमकर नृत्य किया।
उसके बाद यात्रा दल पर्यटक आवासगृह डीडीहाट पहुंचा। दोपहर के भोजन में यात्रियों को भट की दाल, भांग की चटनी, खीर आदि परोसी गई। दल का स्वागत करने वालों में आईटीबीपी के सत्यपाल, मुकेश यादव, कुलदीप सिंह, डा. राहुल रावत, डा. दीपोक गोगई सहित टीआरसी डीडीहाट के दलीप सिंह, बलवंत रावल, संजय ओझा, ललित आर्य आदि मौजूद थे। वहीं यात्रियों का 14वां दल तिब्बत के तकलाकोट में और 15वां दल डेरापुक में है।
विज्ञापन
13वें दल के 13 यात्री अभी बूंदी में
कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौट रहे 13वें दल के 13 यात्री अभी बूंदी पड़ाव में रुके हैं। इस दल के 33 यात्रियों को हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ और धारचूला पहुंचाया गया है। बूंदी से यात्रियों को लाने के लिए हेलीकॉप्टर शनिवार को फिर उड़ान भरेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार यात्रा पर जा रहे 16वें दल के 34 यात्रियों को धारचूला से हेलीकॉप्टर के जरिए गुंजी पहुंचा दिया गया है। अभी धारचूला में 16वें दल के 13 यात्री रुके हैं। उनको मौसम ठीक होने पर शनिवार को गुंजी पहुंचाया जाएगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के 17वें और 18वें दल के यात्रियों को भी हेलीकॉप्टर से ही गुंजी तक पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
यात्रा दल के जनसंपर्क अधिकारी अमित गोयल ने बताया कि दल के सभी 40 यात्री कैलाश दर्शन को लेकर काफी उत्साहित हैं। दल के सबसे कम उम्र की यात्री 23 साल की गुजरात निवासी एकता संभया और सबसे बुजुर्ग यात्री 69 साल के महाराष्ट्र निवासी राम प्रसाद भंडारी ने कहा कि कैलाश पर्वत के दर्शन, मानसरोवर की परिक्रमा से आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। आईटीबीपी वाहिनी मुख्यालय में द्वितीय कमान अधिकारी रतन सोनाल के नेतृत्व में दल का स्वागत किया गया। छलिया टीम के साथ यात्रियों ने जमकर नृत्य किया।
विज्ञापन
उसके बाद यात्रा दल पर्यटक आवासगृह डीडीहाट पहुंचा। दोपहर के भोजन में यात्रियों को भट की दाल, भांग की चटनी, खीर आदि परोसी गई। दल का स्वागत करने वालों में आईटीबीपी के सत्यपाल, मुकेश यादव, कुलदीप सिंह, डा. राहुल रावत, डा. दीपोक गोगई सहित टीआरसी डीडीहाट के दलीप सिंह, बलवंत रावल, संजय ओझा, ललित आर्य आदि मौजूद थे। वहीं यात्रियों का 14वां दल तिब्बत के तकलाकोट में और 15वां दल डेरापुक में है।
विज्ञापन
13वें दल के 13 यात्री अभी बूंदी में
कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौट रहे 13वें दल के 13 यात्री अभी बूंदी पड़ाव में रुके हैं। इस दल के 33 यात्रियों को हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ और धारचूला पहुंचाया गया है। बूंदी से यात्रियों को लाने के लिए हेलीकॉप्टर शनिवार को फिर उड़ान भरेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार यात्रा पर जा रहे 16वें दल के 34 यात्रियों को धारचूला से हेलीकॉप्टर के जरिए गुंजी पहुंचा दिया गया है। अभी धारचूला में 16वें दल के 13 यात्री रुके हैं। उनको मौसम ठीक होने पर शनिवार को गुंजी पहुंचाया जाएगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के 17वें और 18वें दल के यात्रियों को भी हेलीकॉप्टर से ही गुंजी तक पहुंचाया जाएगा।