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कृषि विभाग में शामिल करने के फैसले का विरोध तेज
Updated Sun, 25 Jun 2017 10:48 PM IST
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कृषि विभाग में शामिल करने के फैसले का विरोध तेज
पिथौरागढ़। उद्यान विभाग को कृषि विभाग में विलय करने संबंधी फैसले का विरोध तेज होने लगा है। इस विरोध को सक्रिय करने के लिए संयुक्त उद्यान कार्मिक संगठन बना दिया गया है। कहा है कि सरकार को विलय का प्रस्ताव वापस लेना होगा।
प्रदेश कार्यकारिणी से मिले निर्देश के आधार पर कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें संयुक्त उद्यान कार्मिक संगठन के लिए जिला उद्यान अधिकारी डा. मीनाक्षी जोशी को संरक्षक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद्र पंत को मुख्य संयोजक, राजकिशोर जोशी, रेवाधर पांडे, प्रह्लाद सिंह बिष्ट, कल्याण सिंह राणा, कवींद्र चौहान, रतन राम, नरेंद्र सिंह बिष्ट को संयोजक बनाया गया।
इस दौरान एक कोर कमेटी भी बनाई गई, इसमें पी राम, महेश भट्ट, लीलाधर जोशी, हरीश कोहली, हेमंत कुमार जोशी, आरएस बिष्ट, निर्मला तिवारी, मोहन भैंसोड़ा, गीता जोशी, करन सिंह बडाल को सदस्य बनाया गया। बैठक में कहा गया कि किसी भी हालत में उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय नहीं होने दिया जाएगा।
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विलय से समाप्त हो जाएंगे रोजगार के मौके
पिथौरागढ़। यदि उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय होता है तो उद्यान विभाग में कार्यरत इस जिले के 300 कर्मचारी कृषि विभाग का हिस्सा बन जाएंगे। पूरे प्रदेश में यह संख्या चार हजार है। विरोध के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि आने वाले समय में उद्यान विभाग में रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। इसके अलावा उद्यानों के विकास के लिए तकनीकी जानकारी कम हो जाएगी। कृषि विभाग सिर्फ फसलों की जानकारी रखता है। उद्यान विभाग ने जिले में कई उद्यान विकसित किए हैं और फल, सब्जी उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित भी किया है।
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पिथौरागढ़। उद्यान विभाग को कृषि विभाग में विलय करने संबंधी फैसले का विरोध तेज होने लगा है। इस विरोध को सक्रिय करने के लिए संयुक्त उद्यान कार्मिक संगठन बना दिया गया है। कहा है कि सरकार को विलय का प्रस्ताव वापस लेना होगा।
प्रदेश कार्यकारिणी से मिले निर्देश के आधार पर कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें संयुक्त उद्यान कार्मिक संगठन के लिए जिला उद्यान अधिकारी डा. मीनाक्षी जोशी को संरक्षक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कैलाश चंद्र पंत को मुख्य संयोजक, राजकिशोर जोशी, रेवाधर पांडे, प्रह्लाद सिंह बिष्ट, कल्याण सिंह राणा, कवींद्र चौहान, रतन राम, नरेंद्र सिंह बिष्ट को संयोजक बनाया गया।
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इस दौरान एक कोर कमेटी भी बनाई गई, इसमें पी राम, महेश भट्ट, लीलाधर जोशी, हरीश कोहली, हेमंत कुमार जोशी, आरएस बिष्ट, निर्मला तिवारी, मोहन भैंसोड़ा, गीता जोशी, करन सिंह बडाल को सदस्य बनाया गया। बैठक में कहा गया कि किसी भी हालत में उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय नहीं होने दिया जाएगा।
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विलय से समाप्त हो जाएंगे रोजगार के मौके
पिथौरागढ़। यदि उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय होता है तो उद्यान विभाग में कार्यरत इस जिले के 300 कर्मचारी कृषि विभाग का हिस्सा बन जाएंगे। पूरे प्रदेश में यह संख्या चार हजार है। विरोध के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि आने वाले समय में उद्यान विभाग में रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। इसके अलावा उद्यानों के विकास के लिए तकनीकी जानकारी कम हो जाएगी। कृषि विभाग सिर्फ फसलों की जानकारी रखता है। उद्यान विभाग ने जिले में कई उद्यान विकसित किए हैं और फल, सब्जी उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित भी किया है।