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परवरदिगार! उत्तराखंड की मुसीबतें दूर कर
देहरादून/ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2013 10:41 AM IST
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शब-ए-बराअत के मौके पर मसजिदों में उत्तराखंड की हिफाजत के लिए दुआएं हुईं। मसजिदों में दुआ की गई कि ‘ऐ परवरदिगार! हमारे उत्तराखंड की हिफाजत फरमा दे।
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मौला! बलाओं, आफत को दूर कर दे। पहाड़ों पर जो फंसे हैं, उनकी मुसीबतें दूर कर। जिंदगियों की हिफाजत फरमा और लोगों को अपने घरों में पहुंचने की तौफीक फरमा दे।’
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शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासिमी ने पलटन बाजार की मसजिद में दुआ कराई। इसके अलावा हर मसजिद में जल प्रलय से पहाड़ों में रहने वालों और वहां पर फंसे तीर्थ यात्रियों के लिए दुआ की गई।
दुआएं की जा रही हैं
शहर काजी मौलाना कासिमी ने बताया कि जब से आफत आई है सभी मसजिदों पर बराबर दुआएं की जा रही हैं। अल्लाहताला सारे लोगों की हिफाजत करे और उन्हें नेक रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाए जिससे समाज में खुशहाली हो।
उन्होंने बताया कि शब-ए-बराअत पाक रात को कहते हैं। इसमें सारा वक्त इबादत में गुजारा जाता है। इस रात की इबादत का बहुत सबाब होता है। अल्लाहताला अपने बंदों की दुआएं कुबूल फरमाता है। लोग अपने आमाल को भी सुधारें। बड़ों का अदब करें और मां-बाप का कहना मानें।
बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी
लोगों ने सूरज ढलने के बाद कब्रिस्तानों में जाकर अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी। इसके बाद मसजिदों में सारी रात इबादत में गुजारी। अल्लाह से गिड़गिड़ाकर गुनाहों की माफी के लिए दुआ की गई। शब-ए-बराअत के मौके पर चंदरनगर स्थित मसजिद में जलसे का आयोजन किया गया था।
इसमें मौलाना शमशुद्दीन चतुर्वेदी, मुफ्ती मोहम्मद सादिक और अन्य उलेमा ने बयान फरमाया। दुआ में उत्तराखंड के साथ पूरे मुल्क में खुशहाली और अमन-चैन की दुआ हुई।