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Pauri News: चेकडैम निर्माण होने के बाद भी मजूदरों को नहीं हुआ भुगतान
Wed, 26 Aug 2026 04:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 26 Aug 2026 04:15 PM IST
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पौड़ी। विकासखंड कोट की ग्राम पंचायत कोट में सारा (स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी) के तहत कराए गए जल संवर्धन कार्यों में मजदूरी भुगतान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया है कि कार्यों में मजदूरों से काम कराने के बावजूद उन्हें लंबे समय से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। वहीं, विभागीय रिकॉर्ड में कार्य के लिए लाखों रुपये का भुगतान किए जाने की बात सामने आ रही है। प्रधान की शिकायत पर डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्राम प्रधान प्रियंका कुमारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत कोट में सारा के तहत 50 चेकडैम बनाए जाने थे जिनमें से 43 का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रधान का आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिली। प्रधान का कहना है कि ब्लॉक कार्यालय से मिली जानकारी में ठेकेदार को करीब 10 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की बात बताई गई।
बीडीओ कोट अमित बिजल्वाण के अनुसार कोट में 13 लाख रुपये की लागत से जल संवर्धन कार्य किए जाने थे। एमबी के अनुसार ठेकेदार को प्रथम किस्त के रूप में आठ लाख का भुगतान किया जा चुका है जबकि पांच लाख का भुगतान अभी लंबित है। वहीं, ठेकेदार अनिल गुसाईं का कहना है कि गांव में करीब 25 से 30 चेकडैम और 20 से 25 मीटर दीवार का निर्माण किया गया था। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि ग्राम प्रधान की शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
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ग्राम प्रधान प्रियंका कुमारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत कोट में सारा के तहत 50 चेकडैम बनाए जाने थे जिनमें से 43 का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रधान का आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिली। प्रधान का कहना है कि ब्लॉक कार्यालय से मिली जानकारी में ठेकेदार को करीब 10 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की बात बताई गई।
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बीडीओ कोट अमित बिजल्वाण के अनुसार कोट में 13 लाख रुपये की लागत से जल संवर्धन कार्य किए जाने थे। एमबी के अनुसार ठेकेदार को प्रथम किस्त के रूप में आठ लाख का भुगतान किया जा चुका है जबकि पांच लाख का भुगतान अभी लंबित है। वहीं, ठेकेदार अनिल गुसाईं का कहना है कि गांव में करीब 25 से 30 चेकडैम और 20 से 25 मीटर दीवार का निर्माण किया गया था। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि ग्राम प्रधान की शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
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