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Pauri News: सिस्टम ने आंखें मूंदी तो बच्चों व ग्रामीणों ने उठाए गैंती व फाउड़े
Sat, 03 Oct 2026 04:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 03 Oct 2026 04:08 PM IST
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स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को पैदल ही नापने पड़े रास्ते
पौड़ी। विकासखंड कल्जीखाल के ग्रामीणों ने एक बार फिर से सरकारी तंत्र को आइना दिखाया है। बीते दिनों हुई बारिश के चलते पिछले 6- 7 दिनों से बंद पड़े कल्जीखाल- सखनीखेत मोटर मार्ग पर जब विभाग की उदासीनता भारी पड़ने लगी तो ग्रामीणों ने खुद गैंती- फाउड़ा उठाकर सड़क पर पड़े मलबे को साफ कर उसे यातायात के लिए सुगम बनाया।
बारिश के चलते विकासखंड के ग्वींठ, गुठिंड, बेड़गांव, भैड़गांव, गुंड व कुलासू समेत कई गांवों का मुख्य मोटर मार्ग करीब 10 से 12 मीटर तक मलबे से पट गया था। ऐसे में इन गांवों का संपर्क ब्लॉक व जिला मुख्यालय से पूरी तरह से कट गया। लोग पैदल मार्गों से ही आवाजाही कर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कतें स्कूली बच्चों को हो रही है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय डबराल व क्षेत्रवासी अजय रावत ने बताया कि गांवों के अधिकांश बच्चे 3 से 4 किमी पैदल चलकर कल्जीखाल स्थित विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। पैदल मार्ग पर बरसाती घास और झाड़ियां उगी होने से वन्यजीवों का भी खतरा बना है। पूर्व में पीएमजीएसवाई सतपुली के अभियंताओं को सड़क पर मलबा आने की सूचना दी गई थी लेकिन करीब एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी जब विभाग ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों व स्कूली बच्चों ने खुद ही गैंती- फाउड़ा उठाकर श्रमदान किया और मार्ग को यातायात के लिए सुचारू करवाया।
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कहा कि मार्ग जिला मुख्यालय से 20-25 किमी और कल्जीखाल ब्लॉक से महज 3 से 4 किमी की दूरी पर है। बावजूद इसके एक हफ्ते से बंद पड़ी सड़क को खुलवाने के लिए विभाग कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विभाग की लापरवाही पर आक्रोश जताया।
वहीं, पीएमजीएसवाई सतपुली के जेई सुधीर कुमार ने बताया कि मानसून सीजन के लिए विभाग के पास 15 सितंबर तक ही अनुबंधित जेसीबी थी। जल्द ही अतिरिक्त मशीन भेजकर सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
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पौड़ी। विकासखंड कल्जीखाल के ग्रामीणों ने एक बार फिर से सरकारी तंत्र को आइना दिखाया है। बीते दिनों हुई बारिश के चलते पिछले 6- 7 दिनों से बंद पड़े कल्जीखाल- सखनीखेत मोटर मार्ग पर जब विभाग की उदासीनता भारी पड़ने लगी तो ग्रामीणों ने खुद गैंती- फाउड़ा उठाकर सड़क पर पड़े मलबे को साफ कर उसे यातायात के लिए सुगम बनाया।
बारिश के चलते विकासखंड के ग्वींठ, गुठिंड, बेड़गांव, भैड़गांव, गुंड व कुलासू समेत कई गांवों का मुख्य मोटर मार्ग करीब 10 से 12 मीटर तक मलबे से पट गया था। ऐसे में इन गांवों का संपर्क ब्लॉक व जिला मुख्यालय से पूरी तरह से कट गया। लोग पैदल मार्गों से ही आवाजाही कर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कतें स्कूली बच्चों को हो रही है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय डबराल व क्षेत्रवासी अजय रावत ने बताया कि गांवों के अधिकांश बच्चे 3 से 4 किमी पैदल चलकर कल्जीखाल स्थित विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। पैदल मार्ग पर बरसाती घास और झाड़ियां उगी होने से वन्यजीवों का भी खतरा बना है। पूर्व में पीएमजीएसवाई सतपुली के अभियंताओं को सड़क पर मलबा आने की सूचना दी गई थी लेकिन करीब एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी जब विभाग ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों व स्कूली बच्चों ने खुद ही गैंती- फाउड़ा उठाकर श्रमदान किया और मार्ग को यातायात के लिए सुचारू करवाया।
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कहा कि मार्ग जिला मुख्यालय से 20-25 किमी और कल्जीखाल ब्लॉक से महज 3 से 4 किमी की दूरी पर है। बावजूद इसके एक हफ्ते से बंद पड़ी सड़क को खुलवाने के लिए विभाग कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विभाग की लापरवाही पर आक्रोश जताया।
वहीं, पीएमजीएसवाई सतपुली के जेई सुधीर कुमार ने बताया कि मानसून सीजन के लिए विभाग के पास 15 सितंबर तक ही अनुबंधित जेसीबी थी। जल्द ही अतिरिक्त मशीन भेजकर सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।