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आरवीएनएल के साथ ग्रामीणों की वार्ता विफल
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डुंगरीपंथ में परियोजना प्रभावितों से वार्ता करते हुए आरवीएनएल के एजीएम विजय डंगवाल
- फोटो : SHRINAGAR
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विकासखंड खिर्सू के डुगरीपंथ में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना प्रभावितों और आरवीएनएल के अधिकारियों के मध्य हुई वार्ता विफल रही, जिससे बुधवार को 20वें दिन भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
बुधवार को मुआवजा और रोजगार की मांगों को लेकर आरवीएनएल के अपर महाप्रबंधक विजय राम डंगवाल की अध्यक्षता में प्रभावितों के साथ बैठक हुई, लेकिन मांगों पर सहमति न बनने पर प्रभावितों ने एक स्वर में उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रधान जयवीर सिंह राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद राणा व मुकेश राणा ने कहा कि वह विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन आरवीएनएल मानकों के विपरीत कार्य कर रहा है। कहा कि वर्ष 2016 से अभी तक ग्रामीणों को भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है। कहा कि मामले पर देहरादून प्राधिकरण ने ग्रामीणों के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिस पर आरवीएनएल द्वारा मामलें को चुनौति दी गई है।
रेल विकास निगम के अपर महाप्रबंधक डंगवाल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान सेक्शन-4 के प्रकाशन में पौड़ी जिले के रेट काफी कम थे। इस मामले को लेकर आरवीएनएल ने सरकार के समक्ष मामला रखा था। आंकलन के अनुरूप आरवीएनएल ने जिलाधिकारी पौड़ी को धनराशि भेज दी थी। कहा कि मामले को उच्च न्यायालय से वापस लेकर सक्षम अधिकारियों के समझ रखा जाएगा। बैठक में आरवीएनएल के विनोद बिष्ट, पीडी बृजेश व प्रभावित शंशाक रावत, वीर सिंह रावत, मुकेश बहुगुणा, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी आदि मौजूद थे।
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बुधवार को मुआवजा और रोजगार की मांगों को लेकर आरवीएनएल के अपर महाप्रबंधक विजय राम डंगवाल की अध्यक्षता में प्रभावितों के साथ बैठक हुई, लेकिन मांगों पर सहमति न बनने पर प्रभावितों ने एक स्वर में उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रधान जयवीर सिंह राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद राणा व मुकेश राणा ने कहा कि वह विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन आरवीएनएल मानकों के विपरीत कार्य कर रहा है। कहा कि वर्ष 2016 से अभी तक ग्रामीणों को भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है। कहा कि मामले पर देहरादून प्राधिकरण ने ग्रामीणों के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिस पर आरवीएनएल द्वारा मामलें को चुनौति दी गई है।
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रेल विकास निगम के अपर महाप्रबंधक डंगवाल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान सेक्शन-4 के प्रकाशन में पौड़ी जिले के रेट काफी कम थे। इस मामले को लेकर आरवीएनएल ने सरकार के समक्ष मामला रखा था। आंकलन के अनुरूप आरवीएनएल ने जिलाधिकारी पौड़ी को धनराशि भेज दी थी। कहा कि मामले को उच्च न्यायालय से वापस लेकर सक्षम अधिकारियों के समझ रखा जाएगा। बैठक में आरवीएनएल के विनोद बिष्ट, पीडी बृजेश व प्रभावित शंशाक रावत, वीर सिंह रावत, मुकेश बहुगुणा, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी आदि मौजूद थे।
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